डीसी ने गर्मियों के गर्मी के सीजन में पेयजल आपूर्ति की समीक्षा की
जिला प्रशासन की प्राथमिकता: गर्मी में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति
जल संरक्षण की मुहिम को प्रेरित करने का आह्वान किया
गर्मियों के मौसम में पेयजल की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में जिलावासियों को गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े , इसे लेकर बेहतर रणनीति के साथ प्लानिंग की जाए। डीसी प्रदीप दहिया ने बुधवार को गर्मी के मौसम की तैयारियों के विषय पर आयोजित मीटिंग में जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए ये बात कही।
डीसी ने कहा कि गर्मियों के दौरान पेयजल आपूर्ति और जल संरक्षण की प्रभावी रणनीति तैयार करें । गर्मियों में जल संकट की समस्या न हो, इसके लिए अभी से पूर्व तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डीसी के समक्ष मैप के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की तैयारियों को विस्तार से प्रेजेंटेशन दिया। अधिकारियों ने सभी जलघरों की क्षमता का स्टेटस जाना।
डीसी ने जन स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि अधिकारियों ने बेहतर प्लानिंग कर रखी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी गर्मी के मौसम में हर तरह की स्थिति का सामना करने के लिए एक बेहतर आपातकालीन प्लान तैयार करके रखें ताकि पेयजल आपूर्ति को लेकर जिलावासियों को किसी भी तरह की समस्या का सामना ना करना पड़े। मीटिंग में एसई(सिंचाई विभाग) सतीश जनावा, एसई(पीएचईडी) अमित श्योकंद के अलावा पीएचईडी के चारों डिविजन के कार्यकारी अभियंता, रूपेश चंद्र, अश्वनी सांगवान, राजेश कौशिक व अमन मोर शामिल हुए।
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गांवों और शहरों में विशेष निगरानी
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाए। जिन क्षेत्रों में गर्मियों में जल संकट की संभावना रहती है, वहां पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जरूरतमंद क्षेत्रों की सूची तैयार कर पानी के टैंकरों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
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जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाएं
उपायुक्त ने अधिकारियों को जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और हमें इसे व्यर्थ नहीं करना चाहिए। वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने के लिए आमजन को जागरूक किया जाए। उन्होंने स्कूलों, पंचायतों और अन्य संस्थानों में जल संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण के लिए आह्वान किया।
