February 19, 2026

40 करोड़ में बन रहा नया रेलवे पुल अवैध खनन के कारण कब तक टिक पाएगा: राजेश पठानिया

पुल टूटने का असली कारण अवैध खनन जो पहले भी था आज भी मौजूद है

रघुनाथ शर्मा बेबाक़, नूरपुर: करीब 3 साल पहले पठानकोट-जोगिन्दरनगर रेल लाइन पर कंडवाल स्थित चक्की दरिया के ऊपर बना पुल भारी बाढ़ के कारण टूट गया था। गत दो वर्ष से इस रेल पुल के निर्माण का काम जारी है तथा उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष के भीतर इसका काम हो जाने के साथ ही पठानकोट से कांगड़ा घाटी व जोगिंदर नगर तक हेरिटेज रेल सेवा बहाल हो जाएगा। लेकिन क्षेत्र के बुद्धिजीवी लोगों का मानना है कि इस रेल पुल के पिल्लरों के दरकने का जो मुख्य कारण इस दरिया में अवैध खनन था वह तो आज भी यथावत बदस्तूर जारी है। ऐसे में 40 करोड़ में बन रहा यह नया रेल पुल कब तक टिक पाएगा इसमें संदेह है।
अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ के सह निदेशक राजेश पठानिया का कहना है कि अतीत की सभी सरकारें इस दरिया में होने वाले कथित खनन को रोकने में बुरी तरह असफल रही हैं। वर्तमान सरकार की स्थिति भी इससे भिन्न नहीं है। वैसे तो आज मंगलवार को उपमंडलाधिकारी नुरपूर गुरसिमर सिंह की अगुवाई में खनन विभाग, पॉल्युशन विभाग व अन्य तकनीकी कर्मचारियों के साथ एक टीम दरिया के आसपास के क्रशरों का अवलोकन करने गई है।
परंतु सवाल खड़ा होता है कि करोड़ों की लागत से बनने वाले रेल व सड़क मार्ग पुल कब तक बनते व ढहते रहेंगे। यह सवाल आज भी क्षेत्र की जनता में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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