नूरपुर विधानसभा के गांव शोई खुहाडा गांव के व्यक्ति महिंद्र पाल की उत्तराखंड के चमोली के पास ग्लेशियर सरकने से हुई मौत
आज शव पहुंचेगा घर, गांव मे छाया मातम
रघुनाथ शर्मा बेबाक़, नुरपूर: उत्तराखंड के बद्रीनाथ के पास चमोली ग्लेशियर की चपेट में आने से वहां एक कम्पनी के शिविर में 55 लोग फंस गए जिनमे से छ लोगों को छोड़ कर बाकी लोगों को बचा लिया गया। जो 6 शव बरामद किए गए हैं उन मृतकों में से नुरपुर विधानसभा की ठेहड़ पंचायत के वार्ड नंबर 3 शोई के रहने वाले महिंदर पाल (40) का शव भी बरामद किया गया हैं। महिंन्द्र पाल सपुत्र स्वर्गीय देस राज गांव शोई डाकघर खुहाडा , तहसील नूरपुर का रहने वाला है। महिंन्द्र पाल अपने पीछे परिवार मे उनकी माता पुष्पा देवी (62), पत्नी रमता देवी (38) व दो बच्चे बेटी (8) व बेटा (4)बर्ष का छोड़ गए हैं। महिंन्द्र का एक छोटा भाई राम गोपाल भी हैं। जोकि टेलीकोम फिल्ड मे काम करता हैं। महिंन्द्र पाल निजी कम्पनी मे काम करते थे। फरबरी 28 को करीब रात 2 बजे के करीब फोन पर बात हुई थी जिससे उन्होंने अपने छोटे भाई को उनके ससुर की 27 फरवरी रात को असामयिक मृत्यु पर सांत्वना देते हुए हिम्मत रखने को कहा था।
महिंन्द्र पाल ने फोन कर छोटे भाई को जल्दी घर छुट्टी पर आने को भी कहा था। लेकिन होनी को कुछ ओर ही मंजूर था, महिंद्र पाल की जगह उनका पार्थिक शरीर ही घर पहुंचा और महिंन्द्र पाल की पत्नी व घर वालों पर दुःखों का पहाड़ ही टूट पड़ा हैं। नन्ने मुन्ने बच्चों को मामूल नहीं की उनके पिता अब इस दुनिया मे नहीं रहे! महेंद्र पाल की पत्नी व माता का रो रोकर बुरा हाल हैं।
महेंद्र के भाई ने सरकार व प्रशासन से अपील की हैं की महेंद्र पाल की पत्नी व बच्चों को कोई ना कोई उचित आर्थिक सहायता दी जाए व आंगनबाड़ी जैसी संस्था में नोकरी का प्रावधान किया जाए।
