ग्राम पंचायत बाड़का, सालवां व मौड़ा में कई घरों की छतों, मकानों व गौशालाओं के क्षतिग्रस्त होने से दहशत
पवन भारद्वाज, चंबा: उप तहसील तेलका की पंचायत बाड़का,सालवां व मौड़ा में एक रिहायशी मकान क्षतिग्रस्त होने व तीन गोशालाओं के ढहने का खतरा उत्पन्न हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार तेजो पुत्र चुहडू गांव बंदोखी का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहा मकान और गोशाला क्षतिग्रस्त हो गया है जिसकी सालवां पंचायत के प्रधान वंदना ठाकुर ने इसकी पुष्टि की। वहीं बाड़का पंचायत के भेड़ोई निवासी राजिंदर पुत्र धर्म सिंह का रिहायशी मकान भारी बारिश के कारण ढह गया है।
राजिंदर कुमार की पत्नी सीता वीरवार की शाम को जब कमरे में काम कर रही थी उसे अचानक छत से मिट्टी गिरने की आवाज सुनाई दी। उसके बाद उसने कमरे में संदूक व बर्तन आदि सामान को एक साइड रखा।
उसके बाद सीता बाहर चली गई। उसके उपरान्त कुछ देर बाद कमरे में जोर से आवाज़ सुनाई दी। राजिंदर की पत्नी ने अंदर जाकर देखा तो लकड़ी का स्लीपर छत से टूट कर नीचे गिर गया किन्तु गनीमत यह रही कि अंदर कोई नहीं था व जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। यह मकान मिट्टी व लकड़ी के स्लीपर (कच्चा मकान)का बना हुआ है। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण गुरुवार देर शाम को मकान की छत टूट गई है। ऐसे में टूटी छत पर तरपाल बिछाकर बारिश के पानी को रोका गया है। उधर बाड़का पंचायत के प्रधान प्रहलाद देवल ने कहा है कि उक्त मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है।
उधर पटवार वृत बाड़का की हल्का पटवारी विद्या देवी को भी सूचित कर दिया गया है ।
वहीं ग्राम पंचायत मौड़ा के चखरा गांव में तीन दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश से भूस्खलन हो गया जिससे अकबर मुहम्मद, हैदर अली व यूसुफ मुहम्मद की गोशालाएं गिरने की कगार पर आ गई हैं। उक्त तीन व्यक्तियों की बनी गोशालाओं के ठीक पीछे वाला डंगा गिर गया है जिससे उनकी पशु शालाओं की दीवारें क्रैक हो गई हैं। ग्राम पंचायत मौड़ा के प्रधान अशोक सूर्यांश ने बताया कि चखरा गांव में भूस्खलन आने से तीन व्यक्तियों की गोशालाएं गिरने की कगार पर आ गई हैं।
