February 19, 2026

अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने की प्रक्रिया कोई नई बात नहीं: एस जयशंकर

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि अमेरिका की तरफ अवैध भारतीय प्रवासियों को निर्वासित करने की प्रक्रिया कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह कई वर्षों से चल रही है। विदेश मंत्री ने कहा कि यह सभी देशों का दायित्व है कि यदि उनके नागरिक विदेश में अवैध रूप से रह रहे पाए जाते हैं तो उन्हें वापस ले लिया जाए। उन्होंने कहा कि हम अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वापस लौटने वाले निर्वासितों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो।

भारतीयों के जंजीरों से हाथ-पैर बांधने को लेकर मचे विवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2012 से लागू एक नियम के मुताबिक जब लोगों को विमान से वापस भेजा जाता है, तो उन्हें सुरक्षा के लिए बांधकर रखा जाता है, लेकिन आईसीई ने हमें बताया है कि महिलाएं और बच्चे इस प्रक्रिया से मुक्त होते हैं, यानी उन्हें नहीं बांधा जाता। हालांकि एस जयशंकर ने आगे कहा कि हम अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि यह यकीनी बनाया जा सके कि वापस लौटने वाले निर्वासितों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो।

बता दें 104 अवैध भारतीय अप्रवासियों के पहले जत्थे को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान बुधवार को पंजाब के अमृतसर पहुंचा। इनमें सबसे ज्यादा 33-33 लोग हरियाणा और गुजरात से हैं। जबकि 30 निर्वासित लोग पंजाब के निवासी थे। अमेरिकी सेना का सी-17 विमान कड़ी सुरक्षा के बीच श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरा। इनमें उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से तीन-तीन और चंडीगढ़ से दो लोग हैं। निर्वासित लोगों में 25 महिलाएं और 12 नाबालिग शामिल हैं, जिनमें सबसे कम उम्र का यात्री सिर्फ चार साल का है। 48 लोग 25 साल से कम उम्र के हैं।

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