January 27, 2026

इमरान खान को 14 साल और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 7 साल की जेल

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की मुश्किलें बढ़ गई है। एक स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में दोनों काे दोषी करार दिया। कोर्ट ने इमरान खान को 14 साल और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 7 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला रावलपिंडी की अदियाला जेल में एक अस्थायी अदालत में जज नासिर जावेद राणा ने सुनाया। कोर्ट ने दोनों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। बुशरा बीबी को फैसले के तुरंत बाद हाई सिक्योरिटी के बीच गिरफ्तार कर लिया गया।

यह मामला भ्रष्टाचार और गैर कानूनी ढंग से पैसे विदेश भेजने से जुड़ा है। आरोप है कि इमरान खान और बुशरा बीबी ने बह‌रिया टाउन लिमिटेड से अरबों रुपए और सैकड़ों कनाल जमीन ली थी। यह रकम यूनाइटेड किंगडम से लौटाए गए 50 अरब रुपए को वैध बनाने के लिए इस्तेमाल की गई। 2023 में नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो ने इस मामले में इमरान और सात दूसरे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, फैसले के दौरान बुशरा बीबी अदियाला जेल में ही मौजूद थीं। फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। इमरान खान पहले से ही जेल में बंद थे। पीटीआई के चेयरमैन बैरिस्टर गोहर अली खान ने मीडिया से कहा था कि पिछले दो वर्षों में हुए अन्याय के आधार पर इमरान और बुशरा को बरी किया जाना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

मामले में गवाहों की गवाही ने बदला फैसला
इस मामले में कई गवाहों ने अदालत में बयान दिए। पूर्व मंत्री परवेज खट्टक और इमरान के प्रधान सचिव आजम खान की गवाही ने कोर्ट का ध्यान खींचा। आजम ने 2019 की एक बैठक का हवाला दिया, जिसमें कई सीक्रेट डॉक्युमेंट पेश किए गए थे। गवाहों ने बताया कि यह मामला केवल लैंड ट्रांसफर का नहीं है। यह मामला पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के गहरे जाल का हिस्सा था।

एनएबी ने इमरान खान पर आरोप लगाया है। एनएबी के मुताबिक, इमरान खान ने राज्यों को अलॉट की गई रकम को बह‌रिया टाउन के खाते में ट्रांसफर किया। इसमें इमरान के साथ ही पाकिस्तान के प्रॉपर्टी टायकून मलिक रियाज हुसैन और उनके बेटे का नाम भी शामिल है। आरोप है कि इमरान और उनकी सरकार ने राज्य के खजाने का दुरुपयोग किया। लगभग 71.25 अरब के फंड से एक ट्रस्ट बनाया गया। इस ट्रस्ट की वैधता पर सवाल उठे थे।

इस फैसले ने पाकिस्तान की सियासत में हलचल मचा दी। इमरान खान की पार्टी, पीटीआई, ने इसे साजिश करार दिया है। वहीं, रूलिंग पार्टी और कुछ विपक्षी दलों ने इस फैसले का स्वागत किया है। यह मामला सिर्फ एक भ्रष्टाचार केस नहीं, बल्कि पाकिस्तान में राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रतीक बन गया है। एक ओर जहां इमरान के समर्थक अपने नेता को झूठे मामलों में फंसाने की दुहाई दे रहे हैं। वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल पार्टियां इस फैसले से खुश हैं।

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