February 19, 2026

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति से फोन पर की बात

न्यायपालिका की निष्पक्षता पर उठे सवाल

वॉशिंगटन : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सैमुअल एलिटो ने मंगलवार को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की, जिसे उन्होंने खुद सार्वजनिक किया। इस बातचीत ने न्यायपालिका के निष्पक्षता के समर्थकों में व्यापक नाराजगी पैदा कर दी है, जिन्होंने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन करार दिया है।

बुधवार को न्यायाधीश एलिटो ने बताया कि उन्होंने ट्रंप को फोन करते समय अपने पूर्व कानूनी क्लर्क विलियम लेवी की आगामी ट्रंप प्रशासन में शामिल होने की सिफारिश की थी। यह बातचीत उस समय हुई जब एक दिन पहले ट्रंप ने न्यूयॉर्क में पोर्न स्टार को अवैध भुगतान करने के मामले में सजा में देरी की अपील उच्च न्यायालय में दायर की थी।

एलिटो ने स्पष्ट किया कि इस बातचीत में ट्रंप के कानूनी मामले या किसी अन्य कानूनी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा, हमें ट्रंप के अपील दायर करने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और हमारे बीच किसी कानूनी मामले पर कोई बातचीत नहीं हुई।

अमेरिका में न्यायाधीशों द्वारा अपने पूर्व क्लर्कों की सिफारिश करना सामान्य माना जाता है, लेकिन सीधे राष्ट्रपति को कॉल करना असामान्य है, जिससे इस बातचीत पर सवाल उठ रहे हैं। न्यायपालिका के सुधार के समर्थक समूह फिक्स द कोर्ट के कार्यकारी निदेशक गेब रोथ ने कहा, न्यायाधीश द्वारा नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को फोन करना पूरी तरह से प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। अदालत के बाहर किसी भी व्यक्ति को उस न्यायाधीश से संपर्क नहीं करना चाहिए जो उनके मामले पर सुनवाई कर रहा हो।

डोनाल्ड ट्रंप के प्रवक्ताओं ने इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक ट्रंप समर्थक और रूढ़िवादी समूह के अध्यक्ष कैरी सेवेरिनो ने सोशल मीडिया पर लिखा, दोनों के बीच सिर्फ सिफारिश को लेकर बात हुई थी और कुछ नहीं।

इस घटना ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहने के महत्व पर पुनः चर्चा शुरू कर दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *