राज्यपाल के अपनी संवैधानिक ड्यूटी निभाने में असफल रहने संबंधी मुख्यमंत्री की ओर से वीडियो जारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के संदर्भ में ड्यूटी बारे समझाने तक राज्यपाल ने जान-बूझकर -सरकार- शब्द का प्रयोग किया
राज्यपाल ने भ्रामक और निराधार बयान देकर अपने पद का अपमान किया जिसपर मुख्यमंत्री ने खेद व्यक्त किया
चंडीगढ़, पंजाब के राज्यपाल को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनको याद दिलाया कि कैसे वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर इस बारे याद दिलाने तक अपनी संवैधानिक ड्यूटी निभाने में असफल रहे थे। एक वीडियो रिकॉर्डिंग का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने अपने भाषण की शुरुआत –मेरी सरकार- शब्द से की थी लेकिन जब विपक्ष ने बिना किसी कारण शोर मचाया तो उन्होंने -सरकार- शब्द का ही इस्तेमाल किया । भगवंत मान ने कहा कि हालांकि जब उन्होंने राज्यपाल को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की याद दिलाई तो उन्होंने अपना रुख बदल लिया और -मेरी सरकार- शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा के रिकॉर्ड में मिली वीडियो रिकॉर्डिंग इस बात का सबूत है कि राज्यपाल राज्य की चुनी हुई सरकार के प्रति शत्रुतापूर्ण विरोधी रवैया अपना रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल की बेबुनियाद और गुमराहकुन बयानबाज़ी इस पद का निरादर कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की ओर से जारी किए जा रहे बयान राज्य विधान सभा में उनकी कार्यवाहियों के बिल्कुल उलट हैं, जिनके रिकार्डिड सबूत भी हैं। भगवंत मान ने राज्यपाल से पूछा कि वह अपने संबोधन दौरान ‘ मेरी सरकार’ शब्द का प्रयोग न करके अपना संवैधानिक फर्ज निभाने में असफल क्यों रहे।
मुख्यमंत्री ने अफ़सोस जताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मौजूदा केंद्रीय शासन के अंतर्गत आए ‘ सिलैकटिड लोग’, ‘ इलैक्टिड प्रतिनिधियों ’ के मामलों में ताक- झांक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सुचारू कामकाज को पटरी से उतारने के लिए अनावश्यक गतिरोध बनाया जा रहा हैं। भगवंत मान ने कहा कि वास्तव में राज भवन अब भाजपा के प्रांतीय हैड- क्वार्टर के तौर पर काम कर रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए बहुत ख़तरनाक रुझान है।
