मां के जन्मदिन पर बेटे ने अपनी बस में सवारियों को कराया मुफ्त सफर
राजधानी शिमला में डोगरा बस सर्विस में यात्रियों से किराया नहीं लिया गया। बस में कंडक्टर मौजूद था लेकिन सफर करने वालों से किराया नहीं वसूल रहा था। यात्री भी असमंजस में पड़ गए कि आखिर किराया क्यों नहीं लिया जा रहा। यात्रियों ने जब ड्राइवर-कंडक्टर से पूछा कि किराया न लेने का क्या कारण है तो जवाब मिला, मालकिन का जन्मदिन है, इसलिए पूरे दिन फ्री बस सर्विस है। सुबह 7:40 पर बस संजौली से रवाना हुई और पूरे दिन मुद्रिका रूट (संजौली-छोटा शिमला-बस स्टैंड-लक्कड़ बाजार-संजौली) पर चलती रही। शाम 8:10 बजे बस लोकल बस स्टैंड से अंतिम चक्कर के लिए संजौली रवाना हुई। डोगरा बस के संचालक आशीष डोगरा ने बताया कि उनकी मां सुनीता डोगरा का जन्मदिन था। मां पिछले एक महीने से उनकी बहन के पास बंगलूरू में हैं। पिछले 25 सालों से बस का संचालन मां देख रही थीं। इस साल उन्होंने मुझे इसका जिम्मा सौंपा है। एक दिन मां के नाम पर शहर में फ्री बस सर्विस देने का फैसला लिया। बस के ड्राइवर और कंडक्टर की जोड़ी को लोग मामा-भांजा के नाम से पुकारते थे। चालक की कुछ साल पहले मौत हो गई। अब बुल्लेशाह बस में बतौर चालक और जय लाल (मामा) बतौर परिचालक सेवाएं दे रहे हैं।
