वर्षा से किसानों को मिली राहत, अब पड़ेगा कोहरा
लुधियाना: कड़ाके की ठंड के बीच पंजाब सहित उत्तर भारत में शुक्रवार सुबह से शुरू हुई वर्षा कहीं कम तो कहीं ज्यादा देर रात तक जारी रही। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ से मैदान तक हुई वर्षा से गलन और बढ़ गई है, लेकिन फसलों के लिए अमृत समान है। किसानों को अब फसलों की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी।
सरसों की अगेती फसल को थोड़ा नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, किसानों को ध्यान देना होगा कि खेत में पानी जमा न हो। यदि वर्षा लगातार हुई और खेत में पानी जमा रहा तो नुकसान हो सकता है। पंजाब में दिनभर रुक-रुक कर वर्षा होती रही। पटियाला सहित कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई।
आलू के खेतों में यदि पानी जमा हो जाता है, तो नुकसानदेह है। बागवानी विज्ञानी डा. राकेश कुमार ने कहा कि वर्षा से बागवानी फसल को फायदा है, लेकिन ध्यान रहे कि पानी एक जगह एकत्र न होने पाए। गोभीवर्गीय सब्जी के लिए वर्षा फायदेमंद है। इसमें फूल गोभी, पत्ता गोभी व ब्रोकली आता है।
पालक, धनिया व मेथी जैसी पत्तेदार सब्जियों के लिए भी वर्षा लाभकारी है। गाजर, मूली व सलगम के लिए यह उतना फायदेमंद नहीं है, लेकिन उनको कोई नुकसान भी नहीं होगा। हरियाणा के हिसार, भिवानी, फतेहाबाद और कैथल जिले में ओलावृष्टि हुई।
अधिकतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार 30 दिसंबर तक राज्य में घना कोहरा पड़ सकता है। 31 दिसंबर को कुछ स्थानों पर ठंडी हवा चल सकती है।
बरनाला में 19, बठिंडा में 12, अमृतसर में 10, पटियाला में 5 व संगरूर में 2.5 मिमी वर्षा हुई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह वर्षा गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन ओलावृष्टि से नुकसान भी हो सकता है। आसमानी बिजली गिरने से लुधियाना के दोराह के अरैचा गांव में दलविंदर सिंह लक्खी की खेत में बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। दलविंदर सिंह स्कूटर से खेत में सब्जी काटने गया था।
