January 27, 2026

किसानों से किया वादा पूरा क्यों नहीं करतेः उपराष्ट्रपति

मुंबई: उपराष्ट्रपति धनखड़ ने मंगलवार को केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरसीओटी) के शताब्दी समारोह में शिरकत की। किसानों के आंदोलन को लेकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए मंच पर ही कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को खरी खरी सुना दी और कह दिया कि किसानों को हल्के में लेना भारी पड़ेगा। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) जैसे प्रमुख संस्थानों की मौजूदगी के बावजूद किसान संकट में हैं। जगदीप धनखड़ ने कहा कि किसान संकट में हैं और आंदोलन कर रहे हैं तथा यह स्थिति देश के समग्र कल्याण के लिए अच्छी नहीं है।

जगदीप धनखड़ की बातें सुन कर शिवराज सिंह चौहान को समझ नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें। हम आपको बता दें कि उपराष्ट्रपति ने अपने धुआंधार भाषण में कहा कि किसान यदि आज के दिन आंदोलित हैं, उस आंदोलन का आकलन सीमित रूप से करना बहुत बड़ी गलतफहमी और भूल होगी। उन्होंने कहा कि जो किसान सड़क पर नहीं है, वह भी आज के दिन चिंतित व परेशान हैं। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र का दर्जा मिलना है तो हर व्यक्ति की आय को आठ गुना करना है। उस आठ गुना करने में सबसे बड़ा योगदान ग्रामीण अर्थव्यवस्था का है, किसान कल्याण का है। उन्होंने कहा कि मैंने दो दिन पहले चिंता व्यक्त की थी कि किसान आंदोलित हैं। मैंने किसान भाइयों से आह्वान किया था की हमें निपटारे की ओर बढ़ना चाहिए। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि हम अपनों से नहीं लड़ सकते। हम यह विचारधारा नहीं रख सकते कि उनका पड़ाव सीमित रहेगा, अपने आप थक जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा को परेशान थोड़ी ना करना है, दिल को चोटिल थोड़ी ना करना है। उन्होंने कहा कि मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि किसान से वार्ता क्यों नहीं हो रही है?

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