कांग्रेस सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन का परिणाम है हिमाचल भवन की नीलामी के आदेश: जेपी नड्डा
शिमला: हाई कोर्ट द्वारा दिल्ली स्थित हिमाचल भवन की नीलामी के आदेश को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की सुक्खू सरकार भ्रष्टाचार, घोटाला और कुव्यवस्था की प्रतीक बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के घोटाले और काले कारनामे इस हद तक निचले स्तर पर पहुंच गए हैं कि हिमाचल प्रदेश की धरोहरों की भी कुर्की की नौबत आ गई है।
दिल्ली के मंडी हाउस स्थित हिमाचल प्रदेश के गौरव हिमाचल भवन की कुर्की का आदेश हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को देना पड़ा है क्योंकि हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने सेली हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी लिमिटेड को बकाये 64 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया।
जेपी नड्डा ने कहा कि ये हिमाचल की कांग्रेस सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन और उनके घोटालों का ही साइड इफेक्ट है। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में इससे शर्मनाक वाकया कुछ और नहीं हो सकता।
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को सेली हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कंपनी लिमिटेड के पैसे हाईकोर्ट में जमा कराने थे, लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज सैकड़ों करोड़ रुपए तक बढ़ गया।
उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार ने 2 साल के भीतर इस राशि का एक हिस्सा भी जमा किया होता, तो आज हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति इतनी बदतर नहीं होती और हिमाचल भवन की कुर्की की आदेश न जारी हुए होते।
यह हिमाचल प्रदेश के हर निवासी के लिए अत्यंत दुःख, कष्ट और शर्म की घड़ी है। सुक्खू सरकार के घोटालों की फेहरिस्त इतनी लंबी हो गई है कि वह राज्य की धरोहरों को भी संभालने में नाकाम रही है जिसके कारण चायल होटल और मनाली के ऐतिहासिक होटल सहित 18 होटलों को बंद करने का आदेश जारी हुआ है। जेपी नड्डा ने कहा कि वास्तव में ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस सरकार अपने चहेतों में इन होटलों का बंदरबांट करना चाहती है। यह शंका जताई जा रही है कि कांग्रेस की सुक्खू सरकार, एचपीटीडीसी के 18 होटलों को अपने दोस्तों को लीज पर देगी।
