February 19, 2026

संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से, कई अहम बिलों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र इस महीने के अंत में 25 नवंबर को शुरू होने की संभावना है और 20 दिसंबर तक चल सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार एक विशेष कार्यक्रम होगा, जिसमें सांसद एक दिन के लिए पुराने संसद भवन में मिल सकते हैं। संविधान को अपनाने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 26 नवंबर को लोकसभा और राज्यसभा का संयुक्त सत्र बुलाया जाएगा। यह विशेष सत्र संभवत: पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित किया जाएगा, जहां भारतीय संविधान को 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया था। इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है और 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ था। गत लोकसभा चुनावों में प्रचार के दौरान सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी गठबंधन दोनों ही खुद को संविधान के रक्षक के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे थे और यह सिलसिला अभी भी जारी है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही एक-दूसरे को संविधान का दुश्मन बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने यह बात फैलाने मैं सफल रहा कि अगर मोदी सरकार दोबारा सत्ता में आई तो संविधान खतरे में पड़ जाएगा। वहीं, मोदी सरकार ने इस साल जुलाई में 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, ताकि आपातकाल के काले दिनों को याद किया जा सके। इस पृष्ठभूमि में आगामी संसद सत्र और विशेष सत्र में होने वाली चर्चा इस बार काफी महत्वपूर्ण रहने की संभावना है। शीतकालीन सत्र के दौरान ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ प्रस्ताव और वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर जोरदार चर्चा हो सकती है। गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर बोलते हुए कहा था कि यह विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया जाएगा।

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