क्या छोटे अपराधी लॉरेंस गैंग के नाम पर करने लगे हैं उगाही?
बिहार में दो डॉक्टरों से मांगी गई रंगदारी तो उठे सवाल
पटना: लॉरेंस बिश्ननोई गैंग इन दिनों सुर्खियों में है। मुंबई में कांग्रेस नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद से फिर एकबार इस गैंग का खौफ चारों तरफ दिख रहा है। बिहार में भी लॉरेंस गैंग की सक्रियता पहले भी सामने आ चुकी है। पंजाब में मशहूर गायक सिद्धु मूसेवाला हत्याकांड मामले में जिस गोपालगंज जिले से एक शूटर को गिरफ्तार किया गया था अब उसी जिले में दो डॉक्टरों से रंगदारी की डिमांड फोन कॉल्स के जरिए किसी ने की है। डॉक्टर समेत उनके परिवार की चिंता इस बात ने दोगुनी कर दी है कि रंगदारी मांगने वाले ने खुद को लॉरेंस विश्नोई गैंग का सदस्य बताया है। गोपालगंज के बरौली बाजार स्थित दो डॉक्टरों से रंगदारी की डिमांड की गयी है। डॉक्टरों को फोन करके अपराधियों ने रंगदारी की मांग की है और पैसे नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी है। दोनों को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद दोनों डॉक्टर सदमे तथा दहशत में हैं। दोनों डॉक्टरों ने पुलिस को आवेदन देकर रक्षा करने की गुहार लगायी है। बताया गया है कि दोनों डॉक्टरों के पास किसी मोबाइल से वीडियो कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने रंगदारी की मांग की है। पुलिस डॉक्टरों के पास किये गये कॉल के मोबाइल नंबर की जांच कर रही है। दोनों डॉक्टरों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की डिमांड की गई है।
बता दें कि बिहार में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे पूर्व में सक्रिय रहे हैं, इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता। सिंगर सिद्धु मूसेवाला हत्याकांड में लॉरेंस गैंग का एक शूटर गोपालगंज से गिरफ्तार किया गया था। इसी साल गोपालगंज में लॉरेंस गैंग के दो गुर्गों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जिनके पास से ऑस्ट्रिया में बनने वाली चार ग्लोक पिस्टल भी मिली थी। इनमें एक अपराधी राजस्थान के अजमेर का तो दूसरा बिहार के मुजफ्फरपुर का निवासी था। इनकी निशानदेही पर बिहार के कई जिलों व बाहरी राज्य में ताबड़तोड़ छापेमारी भी की गयी थी।
अब सवाल यह है कि क्या वाकई में लॉरेंस गैंग बिहार में सक्रिय हुआ है या फिर लॉरेंस गैंग का खौफ इन दिनों बढ़ा है तो अब उसके नाम का इस्तेमाल करके वैसे अपराधी भी उगाही की तरकीब निकाल लिए हैं जिसका इस गैंग से कोई लेना-देना भी नहीं है? दरअसल, गोपालगंज जिले में ही पिछले साल एक आरा मशीन संचालक से 20 लाख की रंगदारी मांगी गयी थी। रंगदारी मांगने वाले खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताया था। लेकिन जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो पता चला कि उसका कोई नाता लॉरेंस गैंग से नहीं है। वह पटना में रहकर पढ़ाई करने वाला एक छात्र था और रास्ते में उसे एक सिम कार्ड गिरा मिला तो उसने यूपी जाकर ये हरकत की थी। बहरहाल गोपालगंज में डॉक्टरों से रंगदारी मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
