ऐसे रिक्त पड़े पदों को समाप्त किया जा रहा है जिनका अब औचित्य नहीं : सुखविंदर सिंह सुक्खू
शिमला, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त विभाग की ओर से जारी सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में दो साल से अधिक समय से रिक्त पड़े पदों को लेकर पैदा हुई स्थिति को स्पष्ट किया है। मीडिया प्रतिनिधियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि ऐसे रिक्त पड़े पदों को समाप्त किया जा रहा है, जिनका समय के अनुसार किसी तरह का कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में पद खत्म करने वाली चिट्ठी के साथ-साथ वित्त विभाग की ओर से दूसरे आदेश भी जारी किए गए हैं। जिनमें सभी सरकारी विभागों से पूछा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से किन-किन पदों की जरूरत है और विभाग उपयोगिता के आधार पर कौन-कौन से पद भविष्य में भरना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले वित्त वर्ष के बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिसके वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में आवश्यकता अनुसार पदों का सृजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले 20-25 वर्षो से कई विभागों की ओर से टाइपिस्ट के पदों को बजट में डाला जाता है, जबकि न तो सरकारी कार्यालयों में टाइपराइटर हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए इन पदों को समाप्त करके लिपिक, जेओए आईटी पदों में तबदील किया जा रहा है। हर साल बजट में ऐसे पदों के लिए बजट रखा जाता था जिनकी उपयोगिता नहीं है। अब विभाग अपनी उपयोगिता अनुसार पद तब्दील करके बजट में भेजेंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि पहली बार इस तरह का पत्र निकला है। इससे पहले वर्ष 2012 में धूमल सरकार के समय में भी इसी तरह का पत्र निकला था। ये सामान्य प्रक्रिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार में 19103 पदों को भरा जा रहा है। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र में नौकरियां देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वर्तमान में 5861 पदों को भरने की प्रक्रिया चली हुई है। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सक-मरीज के अनुपात को देखते हुए हजारों पदों को भरा जा रहा है। इसके अतिरिक्त जल शक्ति, लोक निर्माण, राजस्व, वन, पुलिस विभाग में हजारों की संख्या में रिक्त पड़े पदों को भरा जा रहा है।
