शिल्प एवं बुनकर जागरण मेले में अरोमाथेरेपी के प्राकृतिक उत्पाद लोगों के लिए आकषर्ण का केंद्र बने
मंडी(उ, केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय की ओर से हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर के पड्डल मैदान में आयोजित किए जा रहे शिल्प एवं बुनकर जागरण मेले में अरोमाथेरेपी के प्राकृतिक उत्पाद लोगों के लिए आकषर्ण का केंद्र बने हुए हैं। इन उत्पादों को यहां प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए लाया है पालमपुर निवासी राजन मिन्हास ने।
इंजीनियर की नौकरी छोड़ अरोमाथेरेपी के उत्पाद बनाने वाले राजन आज न केवल सफल उद्यमी बने हैं, बल्कि इन्होंने अपने क्षेत्र की महिलाओं के लिए भी रोजगार के दरवाजे खोले हैं। राजन ने बताया कि प्रकृति प्रेम के चलते उन्होंने साल 2018 में साउथ इंडिया में इंजीनियर की नौकरी छोड़ी। वापिस अपने घर आए और प्रकृति से संबंधित अलग-अलग व्यावसायिक आइडिया पर काम करने लगे। साल 2020 में सीएम स्टार्टअप योजना के तहत उन्होंने हिमाचल जैव संसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान यानी सीएसआईआर के सहयोग से प्राकृतिक वैक्स से अरोमाथेरेपी उत्पाद बनाना शुरू किए।
राजन ने बताया कि शत-प्रतिशत प्राकृतिक वैक्स से वह इन प्रॉडक्ट को बना रहें हैं, जिनमें अरोमा कैंडल, विभिन्न प्रकार के इत्र, रोज वाटर, मसाज कैंडल इत्यादि शामिल हैं। जो व्यक्ति को रिफ्रेश, एनर्जेटिक महसूस कराने के साथ भावनात्मक व मानसिक तनाव को दूर करने में मदद करते है। इन प्रॉडक्ट को बनाने के लिए पालमपुर से ही अपना स्टार्टअप शुरू किया है। प्रॉडक्ट बनाने में उनके साथ शैलजा स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो हर महीने 6-8 हजार रुपए घर-द्वार पर ही कमा रही हैं। राजन ने बताया कि इन प्रॉडक्ट को बनाने के लिए वे हिमाचल व बाहरी राज्यों से रॉ-मटेरियल खरीद रहे हैं। इन प्रोडक्ट की पैकिंग के लिए प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल हो इसका भी खास ध्यान रखा जा रहा है। कैंडल की पैकिंग के लिए वेस्ट पाइन नीडल व कोकोनट सेल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
