कचरे से मिली 500 साल पुरानी पेंटिंग ने 11 वर्षीय बच्चे को बना दिया लखपति
[4:20 pm, 04/10/2024] Sharma G: नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति के चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने हैं। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने नगर निकाय चुनाव पर दिल्ली के उपराज्यपाल से पूछा है कि “इतनी जल्दी क्या थी? लोकतंत्र का क्या होगा?” नगर निकाय चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के उपराज्यपाल को नोटिस दिया है।
दरअसल, एमसीडी स्थायी समिति के सदस्य के चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एलजी वीके सक्सेना के फैसले पर कड़ी टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने जल्दबाजी में लिए गए फैसले पर सवाल उठाते हुए एक चेतावनी भी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने एलजी से कहा है कि अगर वह इस तरह एमसीडी ऐक्ट के तहत कार्यकारी शक्तियों का इस्तेमाल करना शुरू करेंगे तो इससे लोकतंत्र खतरे में पड़े जाएगा। इसी के साथ शीर्ष अदालत ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर आप एमसीडी स्थायी समिति के अध्यक्ष के लिए चुनाव आयोजित कराते हैं तो हम इसे गंभीरता से लेंगे।
बता दें मेयर और आम आदमी पार्टी की नेता शैली ओबेरॉय ने एलजी वीके सक्सेना के आदेश पर कराए गए एमसीडी की स्थायी समिति के छठे सदस्य के चुनाव को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। आज सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए एलजी ऑफिस से जवाब मांगा है। 27 सितंबर को हुए इस चुनाव में बीजेपी ने निर्विरोध जीत हासिल की थी क्योंकि आप और कांग्रेस के पार्षदों ने चुनाव का बहिष्कार किया था। इससे पहले शैली ओबेरॉय ने चुनाव के लिए 5 अक्टूबर की तारीख तय की थी लेकिन इसके बावजूद एलजी वीके सक्सेना के आदेश पर चुनाव 27 सितंबर दोपहर एक बजे ही करा दिए गए।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने एलजी कार्यालय से कहा कि वह 27 सितंबर को होने वाले स्थायी समिति चुनावों के खिलाफ मेयर शेली ओबेरॉय की याचिका पर सुनवाई होने तक स्थायी समिति के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव न कराएं। अगर ऐसा होता है तो कोर्ट इसे गंभीरता से लेगी। कोर्ट ने कहा कि शुरुआत वह इस याचिका पर विचार करना नहीं चाहती थी लेकिन के इच्छुक नहीं थे, लेकिन दिल्ली नगरपालिका अधिनियम की धारा 487 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करने के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के फैसले के कारण उन्हें नोटिस जारी करना पड़ा।
[4:22 pm, 04/10/2024] Sharma G: कचरे से मिली 500 साल पुरानी पेंटिंग ने 11 वर्षीय बच्चे को बना दिया लखपति
नई दिल्ली : एक 11 साल के बच्चे की जिज्ञासा ने उसे लाखों रुपये का मालिक बना दिया है। मैट विंटर नाम के इस बच्चे को सड़क पर फेंके गए कचरे में एक पुरानी पेंटिंग मिली, जो बाद में 500 साल पुरानी और लाखों रुपये की कीमती साबित हुई।
मैट को बचपन से ही पुरानी चीजें इकट्ठा करने का शौक था। एक दिन सड़क पर घूमते हुए उसने एक कार में फेंकी गई यह पेंटिंग देखी। पेंटिंग में एक बख्तरबंद योद्धा कुत्ते के साथ घोड़े पर सवार था। इस अनोखी पेंटिंग को देखकर मैट उसे लेने से चूक नहीं सका और उसने कार वाली महिला से पेंटिंग ले ली।
मैट ने इस पेंटिंग को अपनी आंटी के बगीचे में रख दिया और कई साल तक उसे वहीं भूला दिया। करीब डेढ़ साल पहले जब उसने अपनी पुरानी चीजों को साफ किया तो यह पेंटिंग उसकी नजर में आई। इस बार उसने इस पेंटिंग को गौर से देखा और उसे कुछ खास लगा।
एक विशेषज्ञ से जांच करवाने पर पता चला कि यह पेंटिंग 500 साल पुरानी है और प्रसिद्ध कलाकार अल्ब्रेक्ट ड्यूरर द्वारा बनाई गई ‘नाइट डेथ एंड द डेविल’ की मूल प्रति है। इस पेंटिंग को सितंबर 2024 में एक ऑनलाइन नीलामी में 26,500 पाउंड (लगभग 29 लाख रुपये) में बेच दिया गया।
मैट ने बताया कि पेंटिंग की कीमत धीरे-धीरे बढ़ती गई और अंत में उसने इसे इस कीमत पर बेचने का फैसला किया। मैट ने कहा कि वह इस पैसे से एक कार खरीदना चाहता है।
