कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ को रिलीज करने में आ रही अड़चने अब हट गई
नई दिल्ली, बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ को रिलीज करने में आ रही अड़चने अब हट गई है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने आखिरकार 13 बदलावों के साथ इस मूवी को यू/ए प्रमाणपत्र के लिए मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब फिल्म रिलीज की जा सकती है।
सीबीएफसी की संशोधन समिति ने सिख समूहों द्वारा की गई मांगों के मद्देनजर पूरी फिल्म की फिर से जांच की। इसके बाद बोर्ड ने फिल्म की शुरुआत में एक डिस्क्लेमर ऐड करने के लिए कहा है, जिसमें कहा गया कि फिल्म ‘सच्ची घटनाओं से प्रेरित’ है और यह एक ‘नाटकीय परिवर्तन’ है। वहीं, एक सूत्र ने कहा कि हम चाहते हैं कि दर्शकों को यह साफ हो जाए कि यह घटनाओं का एक नाटकीय संस्करण है, ताकि इसमें दिखाई की गई हर बात को पूरा सच न माना जाए। कम से कम तीन सीन से ‘संत’ शब्द और भिंडरावाले का नाम हटाने का सुझाव दिया गया है, जहां भिंडरावाले का करैक्टर फ्रेम में नहीं है, लेकिन अन्य ऐतिहासिक व्यक्तियों के बीच बातचीत में चर्चा की जा रही है। उदाहरण के लिए, बोर्ड चाहता है कि इसे उस सीन से हटा दिया जाए, जिसमें संजय गांधी और तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के बीच बातचीत दिखाई गई है और एक अन्य सीन में इंदिरा गांधी और सेना प्रमुख के बीच बातचीत दिखाई गई है। बोर्ड ने फिल्म निर्माताओं से फिल्म के 2 घंटे 11 मिनट के एक सीन में सिखों द्वारा गैर-सिखों पर की गई हिंसा को कम करने के लिए कहा है। साथ ही एक अन्य सीन को हटाने का अनुरोध किया है, जिसमें सिखों को बस के सामने गैर-सिखों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया है। ये सीन उन सिख समूहों द्वारा आपत्तिजनक पाए गए जिन्होंने फिल्म के खिलाफ आवाज उठाई थी।
वहीं, जी एंटरटेनमेंट का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने प्रस्तावित कट्स और बदलावों को स्वीकार करने के बारे में निर्देश लेने के लिए समय मांगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई अब 30 सितंबर को होगी।
