पांच भारतीयों को कार से कुचलने वाला ऑस्ट्रेलियाई ड्राइवर बरी
अब इंसाफ के लिए प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मिलेंगे परिजन
यमुनानगर– ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर से करीब 110 किलोमीटर दूर मई 2024 को हुई सडक़ दुर्घटना में 5 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी तथा 2 लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे। इस सडक़ दुर्घटना में मरने वालों में 44 वर्षीय प्रतिभा शर्मा, उनकी बेटी अन्वी 9 वर्षीय अन्वी, उनका पार्टनर 30 वर्षीय जतिन के अतिरिक्त 30 वर्षीय विवेक भाटिया यमुनानगर, उनका बेटा 11 वर्षीय विहान शामिल थे, जबकि विवेक की पत्नी रुचि तथा उनका बेटा अबीर भाटिया बुरी तरह घायल हो गए थे। भाटिया परिवार के सदस्य मुकेश भाटिया ने बताया कि करीब 10 माह तक कोर्ट में चले इस केस की सुनवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर को कोर्ट ने बरी कर दिया है। कोर्ट का कहना था कि आरोपी ड्राइवर की शुगर का स्तर बहुत कम हो गया था जिस कारण यह दुर्घटना हुई और इसी आधार पर उसे बरी कर दिया गया।
मुकेश भाटिया का कहना है कि अब वह इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जाएंगे तथा इसके अतिरिक्त भारत के प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री से भी मुलाकात करेंगे ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके। उनका कहना है कि सात लोगों की हत्या करने वाला ड्राइवर बिना किसी जुर्माने और बिना किसी सजा के बरी कर दिया गया है, जबकि एक भी दिन उसे जेल में नहीं रखा गया और पहले ही दिन उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था। उनका कहना है कि प्रतिभा तथा जतिन एवं उनके परिवार के सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है और उन्हें जिस इंसाफ की उम्मीद थी वह नहीं मिला। ऐसे में अब उनके पास एक ही रास्ता है कि वह उच्च न्यायालय जाएं और भारतीय प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात कर इस मामले में इंसाफ की मांग करें। पिछले 10 माह से वह इंसाफ का इंतजार कर रहे थे। कोर्ट द्वारा जब यह फैसला सुनाया गया तो कोर्ट में उपस्थित भाटिया परिवार एवं दूसरे परिवार के सदस्य का बुरा हाल था और वह मानसिक रूप से तनाव में है।
150 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से चल रही थी कार-
ऑस्ट्रेलिया के डेयलसफोर्ड कस्बे के एक होटल में हुई इस दुर्घटना के बारे में जानकारी देते हुए मुकेश भाटिया ने बताया कि मई 2024 में जब उनके परिवार एवं लुधियाना के एक परिवार के सदस्य घूमने गए हुए थे और वे इस होटल में रिफ्रेशमेंट लेने के लिए रुके तो 67 वर्षीय ड्राइवर ने लगभग 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी कार को सीधे इन लोगों पर चढ़ा दिया। इस दुर्घटना में पांच लोगों की तो मौके पर ही मौत हो गई थी तथा रुचि एवं अबीर भाटिया बुरी तरह घायल हो गए थे जिन्हें बाद में एयरलिफ्ट करके मेलबर्न के एक हॉस्पिटल में पहुंचाया गया। लंबे समय तक चले इलाज के बाद अब इन दोनों की तबीयत ठीक है। ड्राइवर को पुलिस ने पकड़ा और साथ ही उसकी कोर्ट ने जमानत कर दी। लगभग 10 माह तक चले इस केस में 13 डॉक्टरों की गवाही हुई तथा होटल के किसी कर्मचारी व अधिकारी को किसी भी गवाही के लिए नहीं बुलाया गया। भाटिया परिवार इस फैसल से संतुष्ट नहीं है और उनका कहना है कि उन्हें अब इंसाफ चाहिए इसके लिए वह वहां के उच्च न्यायालय में जाएंगे।
पूरे देश में हुई थी दुर्घटना की चर्चा-
मई 2024 में हुई इस दुर्घटना के बाद पूरे देश में इस घटना की चर्चा हुई और यमुनानगर में तो कई दिनों तक माहौल गमगीन रहा। आखिरकार एक ही परिवार के दो तथा दूसरे परिवार के तीन लोगों की दुर्घटना में मृत्यु होने से हर कोई शोक में था। यमुनानगर में रह रहे भाटिया परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि वह यमुनानगर में रह रहे परिवार को संभाले या ऑस्ट्रेलिया में रुचि और विहान जो की बुरी तरह से घायल हो चुके हैं उनकी देखभाल करें। यह परिवार किसी तरह से अपने आप को संभालने का प्रयास कर रहा था कि कोर्ट के आए इस फैसले ने एक परिवार को तोडक़र रख दिया है।
