February 21, 2026

इस्तीफा देने के ऐलान के बाद केजरीवाल को कांग्रेस-बीजेपी ने घेरा

कहा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण इस्तीफा देने के लिए मजबूर हैं

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने ‘आप’ के पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज से दो दिन बाद वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही विधायकों की बैठक होगी, जिसमें अगले मुख्यमंत्री का ऐलान किया जाएगा। इसी के साथ उन्होंने दिल्ली में इसी साल चुनाव करवाने की भी मांग की। केजरीवाल के इस ऐलान के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गयी है। आम आदमी पार्टी जहां केजरीवाल के फैसले का समर्थन करती नजर आ रही हैं वहीं कांग्रेस और भाजपा ने ‘दो दिन बाद इस्तीफा’ देने के फैसले पर केजरीवाल को घेरा है।आप के सांसद राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री जी अग्निपरीक्षा से गुजरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने 2020 में काम के नाम पर वोट मांगे थे और कहा था कि अगर मैंने काम किया है तो मुझे वोट दें, अगर मैंने काम नहीं किया है तो मुझे वोट न दें। चड्ढा ने कहा, ‘दिल्ली की जनता आप को वोट देकर मुख्यमंत्री को ईमानदार घोषित करेगी।और आने वाले 2025 के दिल्ली चुनाव में दिल्ली की जनता उस चुनाव के जरिए अपने मुख्यमंत्री को ईमानदार घोषित करेगी। सीएम अरविंद केजरीवाल के ‘मैं 2 दिन बाद सीएम पद से इस्तीफा देने जा रहा हूं’ वाले बयान पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘दोबारा सीएम बनने का सवाल ही नहीं उठता। हम तो लंबे समय से कह रहे हैं कि उन्हें सीएम पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यह महज एक नौटंकी है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई निर्वाचित नेता जमानत पर जेल से बाहर आया हो और उसे सुप्रीम कोर्ट ने सीएमओ न जाने और किसी भी कागज पर हस्ताक्षर न करने को कहा हो। ऐसी शर्तें पहले कभी किसी सीएम पर नहीं लगाई गई। शायद सुप्रीम कोर्ट को भी डर है कि यह व्यक्ति सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट उसके साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार कर रहा है। नैतिकता और अरविंद केजरीवाल का कोई संबंध नहीं है।’बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि वह दो दिन बाद इस्तीफा दे देंगे और लोगों से फैसला मिलने पर फिर से सीएम बन जाएंगे, यह कोई बलिदान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा है कि वह सीएम की कुर्सी के पास नहीं जा सकते और किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते। इसलिए, आपके पास कोई विकल्प नहीं है, आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण इस्तीफा देने के लिए मजबूर हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘लोगों ने 3 महीने पहले अपना फैसला सुनाया था जब आपने ‘जेल या बेल’ पूछा था, आप सभी 7 (दिल्ली की लोकसभा सीटें) हार गए और जेल भेज दिए गए। अब उन्होंने दो दिन का समय मांगा है क्योंकि वह सभी विधायकों को अपनी पत्नी को सीएम बनाने के लिए मना रहे हैं। उन्हें अपनी कुर्सी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है क्योंकि वह शराब घोटाले में शामिल हैं।’

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