पांवटा साहिब और सुन्नी में अवैध मस्जिदों के खिलाफ हिंदू संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन
शिमला : हिमाचल प्रदेश में मस्जिद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिमला के संजौली से उपजा विवाद अब हिमाचल के कई अन्य इलाकों में भी पहुंच चुका है। सरकार के शांति के प्रयास सफल होते नजर नहीं आ रहे हैं। शनिवार को सिरमौर के पांवटा साहिब और शिमला के सुन्नी में अवैध मस्जिदों के खिलाफ हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की दो घंटे की कॉल के मद्देनजर कई जगह बाजार बंद रहे।
संजौली स्थित मस्जिद में अवैध निर्माण हटाने और प्रवासियों की जांच की मांग को लेकर शिमला ग्रामीण विधानसभा के सुन्नी में शनिवार को हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। इसके अलावा प्रदेश में बाजार दो से तीन घंटे के लिए बंद रहे। कई जगह प्रदर्शन भी हुए। सुन्नी बाजार में प्रदर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। बाहरी लोगों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद हिंदू संगठनों के लोग बाजार में रैली निकालकर आगे बढ़े। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं। रैली सुन्नी चौक पर पहुंचने के बाद हिंदू संगठनों के नेताओं ने यहां लोगों को संबांधित किया। संजौली में लोगों पर हुए लाठीचार्ज पर अपना विरोध जताया। साथ ही संजौली प्रदर्शन में शामिल रहे लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग उठाई।
लोगों ने प्रदेश सरकार को चेताया कि यदि जल्द केस वापस नहीं लिए गए तो प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन होंगे। कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों का प्रमाणीकरण करवाया जाए। लोगों ने सुन्नी में बनी मस्जिद की जांच की मांग भी उठाई। लोगों ने सुन्नी चौक पर हनुमान चालीसा का भी पाठ किया। इसके बाद लोग ज्ञापन सौंपने के लिए तहसीलदार कार्यालय की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन में सुरक्षा का जायजा लेने के लिए एडीएम लॉ एंड ऑर्डर शिमला भी पहुंचे थे।
प्रदर्शन की पुलिस ने वीडियोग्राफी की। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रदर्शन को देखते हुए ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से यहां बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात हैं। स्थानीय थाने के अलावा बटालियन से भी रिजर्व मंगवाई गई। सुन्नी में पुलिस ने मस्जिद का सुरक्षा घेरा बढ़ाया है। यहां आने वाले सभी रास्तों को बंद किया गया है। लोगों को आने की अनुमति नहीं दी गई। मुख्य मार्ग को बैरिकेड लगाकर बंद किया गया।
पुलिस ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त फोर्स यहां तैनात की है। एडीएम (कानून-व्यवस्था) अजीत भारद्वाज ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान मजिस्ट्रेट तैनात रहे और हर स्थिति पर नजर रखी गई। लोगों के मुताबिक क्षेत्र में विशेष समुदाय और प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है। यहां एक मस्जिद भी बन गई। किसी को पता नहीं है कि मस्जिद किसकी जमीन पर बनी है। अवैध है या वैध, इस बारे में प्रशासन को भी कोई जानकारी नहीं है।
