तेलंगाना-आंध्र प्रदेश में आज भी भारी बारिश का अलर्ट, स्कूल बंद करने के दिए गए आदेश
राज्य सरकारों ने प्रभावित इलाकों में राहत अभियान तेज किया
नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तेलंगाना के चार जिलों- जयशंकर भूपालपल्ले, कोमाराम भीम, मंचेरियल और मुलुगु के लिए में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने चार सितंबर के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है। वहीं आंध्र प्रदेश के एनटीआर और कृष्णा जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हैदराबाद स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार तेलंगाना के कई इलाकों में भारी बारिश सात सितंबर तक हो सकती है। स्थानीय मीडिया के अनुसार आंध्र प्रदेश सरकार ने भारी वर्षा के कारण 4 सितंबर को एनटीआर जिले के स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है। आईएमडी ने तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 3.1 किमी और 5.8 किमी के बीच एक चक्रवात आ रहा है। मौसम विभाग ने कहा, “5 सितंबर के आसपास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।”
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण 35 लोगों की मौत हो गई है। सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, रेल पटरियां डूब गईं और हजारों एकड़ में फसलें जलमग्न हो गईं है। बचाव और पुनर्वास प्रयासों के जारी रहने के कारण निवासियों को अपनी दैनिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बता दें कि मंगलवार को भारी बारिश नहीं होने के कारण दोनों राज्यों के कई इलाकों में बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है जो राहत की खबर है। इसे देखते हुए राज्य सरकारों ने प्रभावित इलाकों में राहत अभियान तेज कर दिया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने-अपने राज्यों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
पहुंचाई जा रही मदद
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम एवं स्थानीय अधिकारियों ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित विजयवाड़ा में हेलीकॉप्टर के जरिए लोगों के लिए खाद्यान्न के पैकेट, पानी की बोतलों को पहुंचाना शुरू किया। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, खाद्यान्न वितरण के लिए कम से कम छह हेलीकॉप्टरों और ड्रोन की मदद ली जा रही है। इनमें बिस्कुट, फल और दूध एवं दवाइयां शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार मंत्री, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी मध्य में स्थित वाणिज्यिक शहर में वार्ड वार राहत सामग्री पहुंचाने की गतिविधि में शामिल हैं, जहां आस पास के कई इलाके जलमग्न हैं। राहत कार्य के तहत बुनियादी आवश्यक सामग्री को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि 43,417 प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की कम से कम 48-48 टीम राहत कार्यों में जुटी हैं, जबकि 197 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं। बंगाल की खाड़ी में दबाव क्षेत्र बनने के कारण राज्य के कई हिस्सों में जबरदस्त बारिश हुई, जिसके परिणामस्वरूप अभूतपूर्व बाढ़ आई और विजयवाड़ा सबसे अधिक प्रभावित हुआ।
