इस बार हज यात्रा का सफर होगा काफी महंगा, ठहरने के नियम में भी बदलाव
सरायतरीन : हज की पवित्र यात्रा पर जाने के लिए आवेदन भरे जा रहे हैं। जिसकी अंतिम तिथि 9 सितंबर हैं। आवेदन के साथ पासपोर्ट की दो कॉपियां, बैंक पासबुक या कैंसल चैक की कॉपी, ओरिजिनल आधार कार्ड, पैन कार्ड और ब्लड ग्रुप की रिपोर्ट लगानी होगी। हज के सफर के लिए ऑनलाइन आवेदन के साथ सुविधा एप्प पर भी आवेदन फार्म भर सकते हैं।
केन्द्रीय हज कमेटी के निर्देशों के अनुसार, हर राज्य की हज कमेटियां और हज से जुड़ी संस्थाएं हज जाने वाले आजमीन के फॉर्म भरवाने से लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी करने का काम करती हैं। हज ट्रेनर मुहम्मद अली ने बताया कि इस्लाम को मानने वाले हर शख्य की तमन्ना होती है कि वह जीवन में एक बार सऊदी अरब में हज का सफर कर मक्का और मदीना में इबादतें करे। यही ख्वाहिश लिए हर मुस्लिम अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी खर्च कर हज पर जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले सालों के मुकाबले इस बार हज का सफर काफी महंगा हो गया है।
2025 में हज पर जाने वाले आजमीन को 4 लाख 60 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे, जिसमें हवाई जहाज का किराया, मक्का, मदीना, मैदान-ए-अराफात और मुजदलिफा में ठहरना शामिल है। क़्योंकि हज के सफर का हवाई किराया ही 1 लाख, 5 हजार रुपये है।
हज ट्रेनर मुहम्मद अली ने बताया कि इस बार सऊदी हुकूमत ने हज पर आ रहे आजमीनों के ठहरने के नियमों में बदलाव किया है। अब मर्द और औरत दोनों के लिए ठहरने के इंतेजामात अलग-अलग किए जाएंगे। एक ही बिल्डिंग में दोनों को ठहराया जाएगा। हिंदुस्तान से जाने वाले आजमीन के लिए जहां मक्का में भारत सरकार अजीजिया इमारतों में रुकने का इंतेजाम करती है। वहीं मदीना में ठहरने के इन्तेजामात सऊदी हुकूमत की तरफ से होते हैं। तो वही मैदान-ए-अराफात में आजमीन को टेंट्स में रहना पड़ता है। उसका इंतेज़ाम भी सऊदी अरब सरकार ही करती है।
