तेज बहाव नहीं झेल पाया गंडक नदी पर बना ब्रिज, सारण में 24 घंटे के अंदर गिरा तीसरा पुल
दिल्ली – 24 घंटे के अंदर सारण में एक और पुल ध्वस्त हो गया। ये तीसरा पुल है जो ध्वस्त हुआ है। बनियापुर के दो पंचायतों सरेया और सतुआ को जोड़ने वाला पुल अनियमितता का भेंट गया है। दोनों पंचायतों के दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है।
इस कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह पुल सतुआ पंचायत और सरैया पंचायत को जोड़ने वाला मुख्य पुल था। पुल के दोनों तरफ ग्रामीण खेती करते हैं। साथ ही इंटर कॉलेज होने के चलते सरेया के छात्र छात्राओं को विद्यालय जाने के लिए एकमात्र यही सहारा था। पुल टूटने और नदी में पानी होने से लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना होगा। हादसे के बाद सारण के डीएम ने कहा कि जिले में इन छोटे पुलों के ढहने का कारण जानने के लिए उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, गंडकी नदी पर इस पुल का निर्माण पांच वर्ष पूर्व स्थानीय मुखिया के निजी कोष से हुआ था। नदी में सफाई कार्य के बाद पुल के किनारे और पाया के पास की मिट्टी कम होने और पानी के तेज बहाव होने के कारण पुल टूट गया। लगभग दस किलोमीटर दूर लहलादपुर प्रखंड के जनता बाजार में बुधवार को दो पुल टूटने की घटना हुई थी। सारण जिले में गंडक नदी पर महज 24 घंटे के अंदर सारण जिले का तीसरा पुल टूटने का मामला सामने आया है। लगातार पुल टूटना सारण सहित पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुल टूटने से बनियापुर के सतुआ और सरेया पंचायत के ग्रामीणों को आवागमन प्रभावित हो गया है।
16 दिन में ढह गए 10 पुल
पिछले 16 दिनों में सीवान, सारण, मधुबनी, अररिया, पूर्वी चंपारण और किशनगंज जिलों में कुल मिलाकर 10 पुल ढह गए। लगातार बारिश के कारण कुछ ही घंटों में तीन पुल गिरने से कई गांवों के बीच संपर्क टूट गया है। पहली घटना महाराजगंज अनुमंडल के पटेढ़ा गांव और देवरिया गांव के बीच की है। गंडक नदी पर बना 35 साल पुराना पुल का का एक पाया धंसने लगा। देखते ही देखते पुल गंडक नदी में समा गया। दूसरी घटना महाराजगंज प्रखंड के तेवथा पंचायत की है। नौतन और सिकंदरपुर गांव के गंडक नदी पर बना पुल गिर गया। वहीं तीसरा पुल धीमही गांव में गंडक नदी में बना था। यह भी धाराशायी हो गया।
