February 15, 2026

पी.एस.सी.ए.ई कृषि शिक्षा की निगरानी करने वाली संस्था है

स कदम का उद्देश्य छात्रों को अनावश्यक परेशानी से बचाना

 चंडीगढ़,  (पी.एस.सी.ए.ई) जो कि कृषि शिक्षा की निगरानी करने वाली संस्था है, ने छात्रों को ऐसे संस्थानों में प्रवेश लेने के प्रति आगाह किया है जो काउंसिल द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। बी.एससी (ऑनर्ज) कृषि संबंधी कौंसिल द्वारा मापदंडों को पूरा करने वाली 15 शैक्षणिक संस्थानों की सूची जारी करते हुए पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर एग्रीकल्चरल एजुकेशन, जिसका नेतृत्व विशेष मुख्य सचिव (कृषि) के.ए.पी. सिन्हा कर रहे हैं, ने कहा कि छात्रों को उन कृषि संस्थानों में प्रवेश लेने से बचना चाहिए जो काउंसिल द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हैं।  पी.एस सी.ए.ई की मंजूरी के बिना पाठ्यक्रम संचालित करने वाले ऐसे संस्थानों द्वारा जारी की गई डिग्री/डिप्लोमा/प्रमाणपत्र राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और सरकारी सेवाओं के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।  उल्लेखनीय है कि पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर एग्रीकल्चरल एजुकेशन अधिनियम (2017) 2 जनवरी, 2018 को अधिसूचित किया गया था, जिसके बाद कृषि शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम पेश करने वाली सभी संस्थानों को अधिनियम के लागू होने की तारीख से दो साल के भीतर कौंसिल की मंजूरी लेने के लिए  संबद्धता, प्रवेश, पाठ्यक्रम, स्टाफ आदि के संबंध में परिषद को 30 दिनों के भीतर एक स्थिति रिपोर्ट और छह महीने के भीतर एक अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।

 एक सार्वजनिक नोटिस जारी करते हुए काउंसिल ने कृषि शिक्षा में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स करने के इच्छुक छात्रों को सलाह दी है कि वे काउंसिल के माध्यम से प्रवेश लेने से पहले समय-समय पर वेबसाइट पर जाकर  को जरूर देखें निर्धारित न्यूनतम मानदंडों को पूरा करने वाले संस्थानों की सूची जरूर चैक करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *