सीएम सुक्खू की पत्नी को टिकट दिए जाने का विरोध, रोते हुए बोले डा. राजेश-मुझे 9 घंटे किडनैप करके रखा
नई दिल्ली – हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस में बगावत हो गई है। यह बगावत सीएम सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को देहरा विधानसभा सीट से उपचुनाव में टिकट मिलने के बाद शुरू हुई है। कमलेश को टिकट मिलने के विरोधस्वरूप डॉ. राजेश शर्मा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। आज रोते हुए राजेश शर्मा ने कहा कि CM सुक्खू ने 9 घंटे तक उन्हें ओक-ओवर ( शिमला में CM का सरकारी निवास) में किडनैप करके रखा। सीएम और दूसरे कांग्रेस नेता उन्हें धमकी दे रहे हैं कि उसका कारोबार बंद कर देंगे। पेशे से डॉक्टर राजेश शर्मा ने कहा कि मंत्री भी उन्हें धमका रहे हैं। डॉ. राजेश ने कहा कि यदि पुणे में उनके बच्चों की मौत होती है या फिर उनकी हार्ट अटैक से मौत होती है तो उसके जिम्मेदार मुख्यमंत्री सुक्खू होंगे। हाल में संपन्न संसदीय चुनाव में भी कमलेश ठाकुर को हमीरपुर से, भाजपा के अनुराग ठाकुर के सामने कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा थी किंतु ऐसा नहीं हुआ और वहां ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा को अवसर दिया गया।
वहीं, कल सीएम ने कहा था कि लोकसभा चुनाव के समय भी पार्टी हाईकमान ने उनकी पत्नी को उम्मीदवार बनाने को कहा था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था। वह चाहते थे कि एक परिवार से एक ही राजनीति में आए, लेकिन इस बार फिर से प्रदेश में ऐसी परिस्थितियां बनी हैं कि पार्टी हाईकमान ने उनकी पत्नी को उम्मीदवार बनाने के निर्देश दिए हैं। देहरा से डॉ. राजेश का टिकट पहले से तय माना जा रहा था। साल 2022 में पार्टी ने राजेश को ही टिकट दिया था।
