भारत ने कहा, कट्टरपंथियों को पनाह देना बंद करे कनाडा
हिंसा का महिमामंडन किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं
नई दिल्ली – भारत और कनाडा के बीच रिश्ते सुलझने का नाम नहीं ले रहे। कनाडा में नगर कीर्तन परेड के दौरान खालिस्तान के समर्थन में झांकियां निकाली गई थी। भारत ने इन झाकियों में भारत के नेताओं का हिंसक चित्रण करने पर कड़ा विरोध जताया है। भारत ने कनाडा को दो टूक कह दिया है कि हिंसा का महिमामंडन किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कनाडा में ख़ालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में तीन भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा है कि कनाडा एक मज़बूत और आज़ाद न्याय प्रणाली वाला देश है। उन्होंने कहा कि ये नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध “कानून-सम्मत देश” है। 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के सामने कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर को गोली मारी गई थी। अब इस मामले में एडमॉन्टन में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों 22 साल के करण बरार, 22 साल के कमलप्रीत सिंह और 28 साल के करणप्रीत सिंह पर शुक्रवार को फर्स्ट-डिग्री हत्या और हत्या की साज़िश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
कनाडा और भारत आमने-सामने
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जैसा कि आप लोगों को पता है कि कनाडा में चरमपंथी तत्वों की ओर से हमारे नेताओं की हिंसक छवियां (झाकियां) इस्तेमाल की जा रही हैं। हमने इन पर कड़ा विरोध जताया है। पिछले साल हमारी एक पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या को दर्शानी वाली झांकी का इस्तेमाल भी एक जुलूस में किया गया था। साथ ही पूरे कनाडा में भारतीय राजनयिकों के खिलाफ हिंसा की धमकी वाले पोस्टर भी लगाए गए। उन्होंने कहा कि हिंसा का जश्न और महिमामंडन किसी भी सभ्य समाज का हिस्सा नहीं होना चाहिए। लोकतांत्रिक देश जो कानून का सम्मान करते हैं, उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर चरमपंथी तत्वों द्वारा डराने-धमकाने की मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए।
जायसवाल ने कहा कि हम कनाडा में हमारे राजनयिक प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं और उम्मीद करते हैं कि कनाडा सरकार ये सुनिश्चित करें कि वे बिना किसी डर के अपना काम करें। हम एक बार फिर कनाडा सरकार से आह्वान करते हैं कि वे अपने मुल्क में अपराधियों और कट्टरपंथियों को पॉलिटिकल स्पेस नहीं दें। कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने भारत और कनाडा संबंधों पर कहा कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर बुरी नजर रखने वाले विदेशियों के लिए हमने लक्ष्मण रेखा खींच दी है। भारतीयों को लेकर भारत ही फैसला करेगा, भारत का भविष्य भारत ही तय करेगा ना कि विदेशी, मेरी चिंता राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर है, जिसे कनाडा की जमीं से चुनौती मिल रही है।
कनाडा के माल्टन में हाल ही में एक नगर कीर्तन परेड का आयोजन किया गया था। ओंटारियो गुरुद्वारा समिति की ओर से इस परेड का आयोजन किया गया था। इस परेड में भारत के नेताओं पर निशाना साधते हुए झांकियां निकाली गई और उनके खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी की गई। परेड में दल खालसा के परमजीत मंड और अवतार सिंह पन्नू जैसे चरमपंथी नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए। इन्हें भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवादी घोषित कर रखा है। जस्टिन ट्रूडो ने कुछ दिन पहले टोरंटो में खालसा दिवस से जुड़े एक कार्यक्रम में शिरकत की थी। इस कार्यक्रम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी होती देखी गई थी। भारत सरकार ने इस पर भी कड़ा विरोध जताया था।
