February 20, 2026

चांदीपुर से स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्रूज़ मिसाइल की सफल उड़ान का टेस्ट किया

नई दिल्ली ,  रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के तट पर इंटीग्रेटेड टेस्टिंग रेंज, चांदीपुर से स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्रूज़ मिसाइल (ITCM) की सफल उड़ान का टेस्ट किया है। टेस्ट के मुताबिक मिसाइल के सभी सबसिस्टम ने उम्मीद के मुताबिक काम किया है। डीआरडीओ के मुताबिक मिसाइल के प्रदर्शन की निगरानी आईटीआर द्वारा विभिन्न स्थानों पर तैनात रडार,इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (ईओटीएस) और टेलीमेट्री जैसे कई रेंज सेंसर द्वारा की गई थी। डीआरडीओ के मुताबिक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए इन तकनीक को उड़ान पथ पर तैनात किया था।

DRDO ने बताया कि इस मिसाइल की उड़ान को वायुसेना के सुखोई एसयू-30-एमके-1 फाइटर जेट से भी ट्रैक किया गया। मिसाइल ने टेस्ट के सभी मानकों को पूरा किया। परीक्षण के दौरान निर्भय मिसाइल ने 864 किमी. से लेकर 1111 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। इस मिसाइल में टेरेन हगिंग कैपेबिलिटी भी है। टेरेन हगिंग कैपेबिलिटी उस स्थिति को कहते हैं जिसमें उसपर निशाना लगाकर इसे निष्क्रिय करना बेहद कठिन हो जाता है। इस टेक्नोलाजी के कारण दुश्मन देशों के लिए भारत की ये मिसाइल परेशानी खड़ी करने वाली है। इस मिसाइल की एक खास बात यह है कि इसे समुद्र और जमीन दोनों जगहों से मिसाइल लॉन्चर्स के जरिए दागा जा सकता है।मिसाइल जमीन से कम से कम 50 मीटर ऊपर और ज्यादा से ज्यादा 4 किलो मीटर ऊपर उड़कर टारगेट को नष्ट कर सकती है। आईटीसी मिसाइल 6 मीटर लंबी और 0.52 मीटर चौड़ी है। इसके पंखों की कुल लंबाई 2.7 मीटर है। ये मिसाइल 300 किलोग्राम तक के हथियारों कैरी कर सकती है। 1500 किलो मीटर के दायरे तक निर्भय मिसाइल किसी भी टारगेट को ध्वस्त करने में सक्षम है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेशी तकनीक से निर्मित क्रूज़ मिसाइल के सफल उड़ान-परीक्षण के लिए डीआरडीओ को बधाई दी है। उन्‍होंने कहा कि स्वदेश संचालित लंबी दूरी की सबसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल विकास भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास की एक प्रमुख उपलब्धि है।

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