लड़कियों की सुरक्षा व बच्चों को गोद लेने संबंधी प्रक्रिया पर की चर्चा
नारी निकेतन के प्रयासों की केंद्रीय मंत्री ने की प्रशंसा
जालन्धर :बेसहारा व विशेष जरूरतों वाले बच्चों के अलावा खास कर बच्चियों की देखभाल से लेकर उनको पढ़ाने-लिखाने व पैरों पर खड़े करने तक ही नहीं बल्कि अभिभावकों की तरह पाल पोस कर बेटियों की डोली भेजने तक की जिम्मेवारी को गत लम्बे समय से पूरी शिद्दत से निभाते आ रहे पुष्पा गुजराल नारी निकेतन ट्रस्ट की ट्रस्टी व महासचिव श्रीमती गुरजोत कौर द्वारा हाल ही में केन्द्रीय महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के साथ विशेष तौर पर दिल्ली में मुलाकात की गई। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्रीय मंत्री के साथ जहां बेसहारा बच्चों की देखभाल व उनकी सुरक्षा संबंधी विशेष तौर पर चर्चा की, वहीं उन्होंने बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया को भी आसान बनाए जाने सहित अन्य मुद्दों पर भी बहुत ही गंभीरता से बातचीत की।
इस अवसर पर गुरजोत कौर ने बताया कि आम तौर पर बच्चों को गोद लेने की सारी प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर पर बनी संस्था सैन्ट्रल अडाप्शन एंड रिसोर्स अथारिटी (कारा) द्वारा की जाती है परन्तु यह प्रक्रिया काफी पेचीदा व लम्बी होने के कारण बच्चे गोद लेने के इच्छुक अभिभावकों को जहां काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, वहीं इस काम में समय भी काफी लगता है। बच्चा गोद लेने संबंधी प्रक्रिया ‘कारा’ द्वारा प्रत्येक राज्य में जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटैक्शन अधिकारी व चाइल्ड वैल्फेयर कमेटी के साथ मिल कर पूरी की जाती है तथा कई कारणों के कारण बच्चा गोद लेने के लिए अभिभावकों को लम्बे समय तक इंतजार करना पड़ता है। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्रीय मंत्री के साथ छोटी व नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा संबंधी भी कई तरह के सुझाव साझे किए।
इस अवसर पर श्रीमती गुरजोत कौर ने बताया कि इन सभी मसलों को केन्द्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने गंभीरता से विचारने का आश्वासन देते हुए कहा कि वह देश भर में बच्चियों की सम्भाल के लिए काम कर रही संस्थाओं को और मजबूत बनाने के लिए प्रयास करेंगी। इस अवसर पर उन्होंने पुष्पा गुजराल नारी निकेतन द्वारा बेसहारा बच्चियों की देखभाल के अतिरिक्त उनको शिक्षित करने में डाले जा रहे योगदान की भरपूर प्रशंसा करते हुए कहा कि श्रीमती गुरजोत कौर व उनकी समूची टीम द्वारा बच्चियों की जिंदगी संवारने के लिए की जा रही सेवा समाज के लिए एक मिसाल है।
