अब गांव की फिरनी से 3 किलोमीटर तक स्थित डेरे व ढाणियों को बिजली कनैक्शन दिए जाएंगे:मुख्यमंत्री मनोहर लाल
चंडीगढ़ , हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि करनाल स्मार्ट सिटी के तहत पारदर्शिता के साथ विकास कार्य किए जा रहे हैं, किसी भी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार नहीं है। किसी कार्य को लेकर यदि किसी विधायक द्वारा कोई शिकायत दी जाती है, तो निश्चित तौर पर सरकार जांच करवाएगी और जो दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्रीहरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान बोल रहे थे। मनोहर लाल ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत निश्चित कार्य किए जाते हैं, उनकी राशि भी निश्चित होती है। इसके अलावा, अन्य सभी कार्य नगर निगम द्वारा किए जाते हैं। इसलिए किसी सदस्य द्वारा यह कहना कि स्मार्ट सिटी के तहत पारदर्शिता से कार्य नहीं हो रहे, ये गलत है। विधायक लिखित में शिकायत दें तो सरकार निश्चित तौर पर उसकी जांच करवाएगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं के लिए घोषणा करते हुए कहा कि सरकार द्वारा अब गांव की फिरनी से 3 किलोमीटर तक स्थित डेरे व ढाणियों को बिजली कनैक्शन दिए जाएंगे। पहले यह सीमा 1 किलोमीटर थी। इसके साथ ही, 300 मीटर तक डेरे व ढाणियों को दिए जाने वाले बिजली कनैक्शन पर उपभोक्ताओं को कोई खर्च नहीं देना होगा। 300 मीटर के बाद भी कोई क्नेक्शन दिया जाता है तो उपभोक्ता से आधा खर्च लिया जाएगा और आधा खर्च सरकार वहन करेगी। पहले यह सीमा 150 मीटर थी। मुख्यमंत्री ने आज यहां हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बोल रहे थे। मनोहर लाल ने एक अन्य घोषणा करते हुए कहा कि डेरे व ढाणियों के जो उपभोक्ता ट्यूबवेल की बजाय ग्रामीण फीडर से बिजली कनैक्शन लेना चाहता है, तो टांसफार्मर का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। उपभोक्ता को केवल नई लाइन का खर्च वहन करना होगा।हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि अम्बाला जिले में तीन नए पुलों का निर्माण एनएच-152 (अम्बाला हिसार रोड) से गांव खैरा तक लिंक रोड पर एसवाईएल नहर, एसवाईएल नहर और नरवाना ब्रांच के समानांतर नाले पर किया जा रहा है। उन्होंने यहां विधानसभा सत्र के दौरान सदन के दौरान पूछे गए एक प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि एसवाईएल नहर पर पुल का 85 फीसदी काम पूरा हो चुका। एजैंसी के साथ चल रहे मुकदमे के कारण शेष कार्य रुका हुआ है। अब एजेंसी का अनुबंध समाप्त कर दिया गया है और शेष कार्य की निविदा आमंत्रित की जा रही है। यह कार्य 30 सितम्बर 2024 तक पूरा होने की सम्भावना है। इनके अलावा नरवाना शाखा और समानांतर नाले पर पुल का कार्य पूरा हो चुका है। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा एकमात्र राज्य है जहां पर 14 फसलें एमएसपी पर खरीदी जा रही हैं। इसके साथ ही 18 फसलें भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत शामिल की गई हैं। डिप्टी सीएम ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उठाए गए मुद्दे पर कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को 29 हज़ार करोड़ रूपए से ज्यादा का भुगतान सीधा उनके बैंक खातों में किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चाहती है कि राज्य का हर किसान समृद्ध हो। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि वर्तमान सरकार ने बीस हजार किलोमीटर सड़कों को दुरुस्त किया गया है। हरियाणा के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री अनिल विज ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार स्पैशलिस्ट काडर बनाने जा रही है और इस पर सैद्धांतिक तौर पर सहमति दे दी गई है। इस संबंध में फाइल वित्त विभाग के पास हैं और जैसे ही इस बारे में अनुमति मिलेगी तो स्पैशलिस्ट काडर तथा एमबीबीएस काडर की अलग-अलग रिक्तियों को निकाला जाएगा। विज आज यहां विधानसभा में बजट सत्र के दौरान लगाए गए एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली बार डाक्टरों की नियुक्ति बड़े स्तर पर की गई है जिसके तहत साल 2022 में 1252 डाक्टरों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया था और 990 चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्त किया गया। विज ने कहा कि यह ठीक बात है कि राज्य में डाक्टरों की कमी है और सरकार पूरा प्रयास कर रही है कि मानदण्डों के अनुसार डाक्टरों की भर्ती हो। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्ष 2017-18 में 662 डाक्टरों की भर्ती निकाली गई थी, जिनमें से 554 डाक्टरों को नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार, साल 2020 में 954 डाक्टरों को नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में 1252 डाक्टरों की रिक्तियों के विरुद्ध 990 चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य के सभी नागरिक अस्पतालों में जन-औषधि केन्द्र स्थापित किए जाएंगें और इस संबंध में केन्द्र सरकार से बातचीत चल रही है। इन जन-औषधि केन्द्रों में फार्मासिस्ट भी नियुक्त किए जाएंगें। विज आज यहां हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के दौरान एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में सभी 22 जिलों को कवर करते हुए खुदरा दवा लाइसेंस रखने वाले लगभग 171 केन्द्र हैं। सरकारी अस्पतालों/मैडीकल कालेजों में पांच केन्द्र चल रहे हैं। प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य कल्याण समिति को कार्य करने के लिए प्राधिकृत किया गया है, इनमें से करनाल, भिवानी, रेवाडी, गुरूग्राम और यमुनानगर के जिला अस्पतालों में पांच जन-औषधि केन्द्रों ने काम करना शुरू कर दिया है।हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डा. कमल गुप्ता ने कहा कि जिला नगर आयुक्त, हिसार ने नगरपालिका नारनौंद की सीमा में आने वाली 12 कालोनियों में से 8 कालोनियां अधिसूचित कर दी गई हैं। डा. कमल गुप्ता आज हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के दौरान विधायक रामकुमार गौतम द्वारा पूछे गए प्रश्र का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने सदन को इस बात से भी अवगत करवाया कि नारनौंद की सीमा में आने वाली कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है और 12 माह के भीतर गलियां बनवा दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि नगरपालिका नारनौंद की गई स्वीकृत कॉलोनियों में कार्यों के निष्पादन के लिए 25 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति 25 जनवरी, 2024 को जारी कर दी है। नया औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने का प्रस्ताव विचाराधीन : मूल चंद – हरियाणा के उच्चतर शिक्षा मंत्री मूल चंद शर्मा ने कहा कि जिला गुरुग्राम में पटौदी विधानसभा क्षेत्र के गांव मऊ लोकरी में नया औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है, जिस पर सभी वर्तमान औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के मानचित्रांकन और मांग के मूल्यांकन उपरांत कार्य वाही की जाएगी। मूल चंद शर्मा आज हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्र का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने सदन को इस बात से भी अवगत करवाया कि इस औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने के लिए शीघ्र की कार्यवाही करवाई जाएगी। हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री देवेन्द्र सिंह बबली ने कहा कि अटेली विधानसभा क्षेत्र के 100 गांवों में से 80 गांवों में अनुसूचित जाति की चौपालें हैं तथा 32 गांवों में पिछड़े वर्ग की चौपालें हैं। बबली आज विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अटेली विधानसभा क्षेत्र में 100 गांवों में से, 30 गांव ऐसे हैं जिनमें अनुसूचित जाति तथा पिछड़े वर्ग की दोनों चौपालें बनाई गई हैं, 50 गांवों में केवल अनुसूचित जाति की चौपालें हैं, 2 गांवों में केवल पिछड़े वर्ग की चौपालें हैं और शेष 18 गांवों में कोई अनुसूचित जाति तथा पिछड़े वर्ग की चौपालें नहीं है। शेष 18 गांवों में से 1 गांव में ग्राम दर्शन पोर्टल तथा 4 गांवों में जन संवाद के तहत अनुसूचित जाति की चौपालों के निर्माण की मांग प्राप्त हुई है। पिछड़े वर्ग की चौपालों के निर्माण के लिए कोई मांग प्राप्त नहीं हुई है।
