February 14, 2026

लॉरेंस बिश्नोई व गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े शूटर गिरफ्तार

आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर हासिल किया 5 दिन का रिमांड

चंडीगढ़ : क्राइम ब्रांच चंडीगढ़ पुलिस और दिल्ली पुलिस काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल के एक संयुक्त ऑपरेशन दौरान लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह के तीन शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 2 अवैध पिस्टल, 6 जिंदा कारतूस और दो वकील की ड्रेस बरामद हुई है। तीनों शूटर लॉरेंस गैंग और गोल्डी बराड़ के सम्पर्क में थे। गैंगस्टर भुप्पी राणा को मारने के लिए चंडीगढ़ में 10 फरवरी से रह रहे थे और चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के कोर्ट में रैकी करते थे। इन्होंने वकील के भेष में भुप्पी राणा की पेशी के दौरान हत्या करनी थी। तीन शूटरों में से दो रोहतक के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान 27 वर्षीय सनी, 25 वर्षीय उमंग और एक की फरीदाबाद के रहने वाले कैलाश चौहान उफऱ् टाइगर के रूप में हुई हैं।एसपी केतन बंसल की सुप्रवीजऩ में डीएसपी क्राइम उदयपाल द्वारा एक टीम गठित की जिसमें इंस्पेक्टर अशोक सिंह व अन्य शामिल थे। एसआई नीरज कुमार पुलिस पार्टी के साथ पीएस-36, चंडीगढ़ के क्षेत्र में लेक सेक्टर 42, चंडीगढ़ के पास गश्त ड्यूटी पर थे। एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई है कि अवैध हथियार के साथ दो व्यक्ति सफेद रंग की एक्टिवा पर जिला न्यायालय के पास सेक्टर 43 के क्षेत्र में घूम रहे हैं और जिला न्यायालय की रेकी कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने एक गैंगस्टर को खत्म करने की योजना बनाई है, जो सुनवाई के लिए अदालत में पेश होगा। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए सनी उर्फ सचिन उर्फ मैडी मनचंदा और उमंग दोनों को जिला न्यायालय सेक्टर 43 चंडीगढ़ के पास से सफेद रंग की एक्टिवा के साथ पकड़ा गया। दोनों शूटर की तलाशी के दौरान सनी के कब्जे से 1 पिस्तौल और 1 जिंदा कारतूस बरामद किया गया और सनी के पास से वकील की ड्रेस भी बरामद की, जो उसने एलांते मॉल से खरीदी थी और उमंग के कब्जे से 3 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आरोपी कोई लाइसेंस/परमिट पेश नहीं कर सके जिसके सेक्टर 36 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 25/54/59 आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।पुलिस जांच के दौरान सनी और उमंग की पहचान/खुलासे पर उनके एक सहयोगी कैलाश चौहान उर्फ टाइगर को जिला न्यायालय सेक्टर 43, चंडीगढ़ के पास से गिरफ्तार किया गया और उसके कब्जे से 1 पिस्तौल और 2 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। उनसे पूछताछ में पता चला कि वे लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं और गोल्डी बराड़ से उन्हें अदालत में पेशी के समय वकील की वर्दी में जिला न्यायालय परिसर में गैंगस्टर भूप्पी राणा को खत्म करने के निर्देश मिले थे।काफी समय से गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के संपर्क में थे तीनों आरोपीगोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई साथ मिलकर जरूरतमंद लोगों को अपने गिरोह में भर्ती करके उन्हें पैसे, कपड़े, ठिकाने उपलब्ध कराने और उन्हें विदेश में बसाने का लालच देकर व्यापारियों से पैसे ऐंठने का एक गिरोह चला रहा है। वे उन्हें इंस्टाग्राम के माध्यम से भर्ती करते थे और उनसे संपर्क करने के लिए सिग्नल जैसे विभिन्न एप्लिकेशन का उपयोग करते थे। वे उन्हें टारगेट की तस्वीर भेजते थे और शूटआउट से ठीक पहले हथियार मुहैया कराते थे और शूटआउट के तुरंत बाद हथियार वापस लेना उनकी प्राथमिकता होती थी। फोन पर टारगेट को धमकाते हैं और उसके बाद ये शूटर एक्शन में आ जाते हैं। सितंबर महीने में टाइगर और सन्नी गोल्डी बराड़ के निर्देश पर चंडीगढ़ के सेक्टर-7 में किसी को जान से मारने के लिए चंडीगढ़ आए थे। उस समय डेराबस्सी का सुक्खा और यमुनानगर का गिल्ली राणा उन्हें हथियार पहुंचाने और मुहैया कराने में मदद करते थे। उस समय उनकी पिस्तौल फंस गई, जिसके कारण वे गोली नहीं चला सके और वहां से भाग निकले थे। अब ये तीनों शूटर गैंगस्टर भुप्पी राणा को कोर्ट में पेशी के दौरान खत्म करने के लिए चंडीगढ़ आए थे। उन्हें गोल्डी बराड़ के सहयोगी विक्की चौहान के निर्देश पर दो तीन अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा गाड़ी, रहने का ठिकाना, धन और हथियार मुहैया कराये गए। आरोपी सनी, उमंग और कैलाश चौहान उर्फ टाइगर को जिला न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और अन्य सभी व्यक्तियों को पकडऩे के लिए 5 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से और भी नए खुलासे कर सकती हैं।

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