February 15, 2026

फसल अवशेष प्रबंधन करने वाले किसानों को सरकार से मिलता है एक हजार प्रति एकड़ अनुदान

फसल अवशेष प्रबंधन करने वाले जिले के किसानों को मिला 8.45 लाख रुपये का अनुदान
मेरी फसल
— मेरा पोर्टल पर किसानों से 15 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन करे किसान
झज्जर, 13 फरवरी। डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि फसल के अवशेष का प्रबंधन करने के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन करने वाले झज्जर जिले के किसानों को सरकार की फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत 8.45 लाख हजार रुपये अनुदान के रूप में देगी।
प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत कृषि विभाग द्वारा जिले के 1070 किसानों को 8650 एकड़ में फसल प्रबंधन करने के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ की दर से राशि प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए धान की खेती करने वाले किसानों को पंजीकरण करवाना अनिवार्य होता है। जो किसान धान कटाई उपरान्त धान के अवशेषों का प्रबंधन करता है। वह इसका पात्र होता है। प्रशासन द्वारा पात्र किसानों की सूची और 8.45 लाख रुपये की अनुदान राशि की अनुमति प्रदान कर दी गई है । अतिशीघ्र यह राशि पंजीकृत किसानों के खाते में डाल दी जायेगी। डीसी ने झज्जर जिले के किसानों से अपील है कि किसान भाई अपने खेतो में फसल कटाई उपरान्त फसल अवशेष प्रबन्धन अपनाये और इस योजना में पंजीकरण करवाये। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन से जमीन की उर्वरा शक्ति में सुधार होगा, जिससे खेतों में पोषक तत्वों की बढ़ोतरी होगी और किसान कम लागत में ज्यादा पैदावार ले हासिल कर सकेंगे।
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मेरी फसल, मेरा पोर्टल पर 15 तक किसान करवाएं रजिस्ट्रेशन: डीसी कैप्टन शक्ति सिंह
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने किसानों से मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने से फसलों को बेचने की प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आती है व सरकार किसानों को बेहतर व्यवस्था देने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसान पोर्टल पर 15 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से पोर्टल पर 100 प्रतिशत पंजीकरण करवाने के लिए आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसान खाली खेत का भी पोर्टल पर पंजीकरण कराएं।

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