शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता ने देश के सबसे अत्याधुनिक ग्रीन ईको फ्रेंडली शमशान घाट की आधारशिला रखी
प्रथम चरण के कार्यों के लिए 10 करोड रुपए की राशि मंजूर : मेयर गौतम सरदाना
हिसार, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता ने ऋषि नगर में बनने वाले देश के सबसे अत्याधुनिक ग्रीन ईको फ्रेंडली शमशान भूमि की आधारशिला रखी। सभी निर्माण कार्यों के उपरांत यह देश आधुनिकतम शमशान घाट होगा। अभी तक इस तरह के श्मशान घाट दक्षिण भारत में हैं, लेकिन हिसार का प्रोजेक्ट सबसे बेहतर होगा। तीन चरणों में पूरे होने वाले इस प्रोजेक्ट पर लगभग 20 करोड़ रुपए राशि खर्च होने का अनुमान है। शिलान्यास समारोह में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता ने जिला नगर आयुक्त प्रदीप दहिया को सेक्टर 14 के साथ लगती हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की लगभग एक एकड़ भूमि को नगर निगम को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बात करके इस जगह को नगर निगम को हस्तांतरित करवा देंगे ताकि आधुनिक शमशान भूमि में इस जगह का भी इस्तेमाल हो सके। इस शमशान भूमि परिसर में प्रथम चरण के कार्यों के लिए नगर निगम द्वारा 10 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह जानकारी देते हुए मेयर गौतम सरदाना ने कहा कि पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 20 करोड रुपए की लागत आने का अनुमान है। उन्होंने 10 करोड रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने पर नगर निगम के सभी पार्षदों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि राजघाट, शक्ति स्थल, शांतिवन जैसे सुंदर स्थल बनाकर यहाँ दिवंगत आत्माओं को सम्मानजनक अंतिम विदाई दी जा सकेगी। गौतम सरदाना ने मेयर के रूप में अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा भी लोगों के समक्ष रखा।
हिंदू सहित कई धर्म में मृत्यु पश्चात शव दाह की परम्परा है। वैज्ञानिक दृष्टि से इसे शव दफनाने की अपेक्षा बेहतर समझा जाता है लेकिन एक दाह संस्कार में दो से तीन पेड़ों की लकड़ी का इस्तेमाल होता है, जो पर्यावरण के दृष्टिगत चिंतनीय विषय है। एक अनुमान के अनुसार भारत में दाह संस्कार के लिए प्रतिवर्ष तीन से चार करोड़ पेड़ों को काट दिया जाता है इसे हर वर्ष 1500 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र समाप्त हो जाता है। ऋषि नगर में मोक्षदा हरित शवदाह प्रणाली गौ-कास्ठ, गोवंश के गोबर व हवन सामग्री युक्त ठोस लकड़ी, सीएनजी तथा पीएनजी तकनीक आधारित होगी। इससे पेड़ और पर्यावरण दोनों को बचाया जा सकेगा। इससे न सिर्फ पर्यावरण साफ होगा, बल्कि गोशालाएं आत्मनिर्भर भी बनेंगी। गोकस्थ, पराली इत्यादि के मिश्रण वाली इस तकनीक से शमशान भूमि को संस्कार के लिए सामग्री उपलब्ध करवाने वाली ट्रस्ट/संस्था को कैबिनेट मंत्री डॉ कमल गुप्ता ने 11-11 लाख रुपए की राशि देने की अग्रिम घोषणा की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी, जिला नगर आयुक्त प्रदीप दहिया, सीनियर डिप्टी मेयर अनिल मानी, डिप्टी मेयर जयवीर गुज्जर, ब्रह्माकुमारी रमेश बहन जी, ऋषि नगर शमशान भूमि सुधार समिति के प्रधान महावीर सैनी, राकेश अग्रवाल, ईश्वर सैनी नाटा, प्रवीण पोपली, प्रवीण जैन, लोकेश असीजा, सुरेश गोयल धूप वाला, रामचंद्र गुप्ता, पार्षदगण, नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
