तालाबों को जलसंरक्षण के साथ ही पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना अमृत सरोवर योजना का एकमात्र उद्देश्य : डीसी
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने निकटवर्ती गांव खातीवास में अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत सिराज वाला तालाब का किया निरीक्षण
झज्जर,24 दिसंबर। डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने निकटवर्ती गांव खाती वास में अमृत सरोवर अभियान के तहत बन रहे सिराज वाला तालाब का निरीक्षण किया,निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। इस अवसर पर पंचूकला सीएमजीजीए टीम से नवाज खान,सीएमजीजीए चेतना चतुर्वेदी के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
डीसी ने कहा कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ -साथ ही सैर के लिए अच्छी पगडंडी,तालाबों के चारों ओर सोलर आधारित लाईट और पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है,जिससे तालाबों का स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने कहा कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ साथ ही साफ सफाई का ध्यान रखना प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है। तालाब में गंदगी ना डालें और दूसरों को भी सफाई के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत काल में अमृत सरोवर योजना केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इन सरोवरों को बहुउद्देशीय स्वरूप में बनाया जाना अति आवश्यक है। मानव जीवन का आधार जल है लेकिन धीरे-धीरे जल स्तर कम होता जा रहा हैं। जल स्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए तालाबों का जीर्णोद्धार अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत कार्य कराया जा रहा हैं, जिससे गांवों के भू जल का संरक्षण व संवर्धन हो सके।
डीसी ने बताया कि अमृत सरोवरों के विकास का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण एवं जल संचयन के साथ -साथ इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। आजादी अमृत महोत्सव वर्ष में शुरू किये गए सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत अमृत सरोवर विकसित करने के लिए प्रशासन द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सभी सरोवरों के समीप जनउपयोगी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है। डीसी ने बताया कि विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा गांव बामनोला, जहांगीरपुर, लाडपुर,छारा, जाखोदा,खेड़ी जट्ट में अमृत सरोवर योजना के अंर्तगत कुल सात तालाबों को अमृत सरोवर प्लस बनाया गया है। जिला भर के तालाबों को अमृत सरोवर प्लस बनाने के लिए ग्रामीण सरकार और प्रशासन का सहयोग करें
उन्होंने दोहराया कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य तालाबों को विकसित और पुनर्जीवित करने है। सरकार की यह योजना ऐतिहासिक तालाबों को नया स्वरूप प्रदान करने में सहायक होगी।
