मुख्यमंत्री सबसे बड़े जिला कांगड़ा में बना रहे संतुलन
हमीरपुर, रजनीश,
मुख्यमंत्री ने काँगड़ा के लिए कुछ ऐसे रचा इतिहास, यादवेंदर गोमा काँगड़ा जिला की राजनीती में इतिहास बन गए हैँ। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह ने जो कहा वो किया और काँगड़ा को लेकर भी कुछ ऐसा ही हुआ है। काँगड़ा को लेकर मुख्यमंत्री हमेशा चिंतित रहे है और उनकी चिंता का बड़ा कारण रहा है काँगड़ा की राजनीति और काँगड़ा का मान सम्मान। लगातार मुख्यमंत्री धर्मशाला जा रहे हैँ, कार्यक्रमों का गवाह धर्मशाला बन रहा है। वही ताजपोशी की बात करें तो काँगड़ा जिला में उनका सिलसिला भी जारी है। पहले मंत्री, फिर कैबिनेट रैंक, ओबीसी चेहरे के रूप में चंद्र कुमार तो ब्राह्मण चेहरा रघुवीर सिंह बाली बने। अब तीसरी बड़ी नियुक्ति यादविंद्र गोमा के रूप में हों गई है। गोमा अनुसूचित जाति का पुराना कांग्रेसी चेहरा है। मतलब तीन का बड़ा कॉम्बिनेशन तो दिया ही साथ ही उन्होंने ये भी सभी को बता दिया की काँगड़ा को आशीष बुटेल और किशोरी लाल के रूप में उन्होंने काँगड़ा के विकास को मजबूती दी है। राष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर, गल्फ कोर्स और इसके साथ धार्मिक प्रयटन को बढ़ावा भी यहाँ दिया जा रहा है,लेकिन पहला अनुसुचित जाति का मंत्री काँगड़ा को देकर मुख्यमंत्री ने अपनी जो विकास की लकीर खींची है और काँगड़ा को महत्त्व दिया है वो स्पष्ट करता है कि जो कहा वो किया। मुख्यमंत्री का कहना है की काँगड़ा हिमाचल का वो जिला है जो मेरा घर है और जो वादा काँगड़ा से किया है वो मैं पूरा करूँगा ही। उन्होंने कहा विकास और राजनीतिक संतुलन काँगड़ा का मुख्य मुद्दा है और हम दोनों को साथ लेकर चलेंगे। गोमा को छोटी उम्र में बड़ी जिम्मेदारी देकर गुटबाजी का को सन्देश हाई कमान को दिया जा रहा था उन्होंने उसे भी खत्म कर दिया है।
