February 22, 2026

भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया

चण्डीगढ़, 06 दिसंबर – भारतीय संविधान के निर्माता, भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर जी आधुनिक राष्ट्र के ऐसे महानायक थे, जिन्होंने राष्ट्र को शिक्षित, संगठित व संघर्ष करने का रास्ता दिखाया। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने यह उद्गार हरियाणा राजभवन में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के उपरांत अपने संबोधन में व्यक्त किए।
राज्यपाल हरियाणा ने बाबा साहेब को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर को अर्थ, विधि, सामाजिक न्याय, राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनकी दूरगामी दृष्टिकोण और गहन शोध के लिए जाना जाता है। भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का कहना था कि शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। उनके जीवन का मात्र एक लक्ष्य समाज के शोषित वर्गों को न्याय दिलाना था, जिसके लिए उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।
दत्तात्रेय ने कहा कि बाबा साहेब ने समाज और देश की उन्नति के लिए प्रत्येक नागरिक को शिक्षित होने का मूलमंत्र दिया है जिससे देश के युवा शिक्षित और संस्कारी होकर समाज के विकास में अपना योगदान दे सके। उन्होंने कहा कि हमे डॉ भीमराव अंबेडकर जी द्वारा अपनाए गए सिद्धांतों तथा उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर देश में पिछड़े एवं अनुसूचित वर्ग के लोगों की हर संभव मदद के लिए आगे आना होगा। यही बाबा साहेब को राष्ट्र की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री अतुल द्विवेदी, एडीसी अर्श वर्मा, ओएसडी बखविंदर सिंह, सीडीएच जगन बैंस तथा अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

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