भाषा विभाग पंजाबियत और पंजाब की आत्मा- हरजोत बैंस
सहकारी, कवि, ढाडी, लेखक समृद्ध विरासत और संस्कृति को संरक्षित करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं- भाषा मंत्री के सभागार में पंजाबी गायन की एक पारंपरिक और मधुर शाम का आयोजन किया गया
सचिन सोनी, श्री आनंदपुर साहिब 25 नवंबर हमारे कवियों, लेखकों, साहित्यकारों और ढाडियों ने हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने में बहुमूल्य योगदान दिया है। पंजाब का भाषा विभाग पंजाबियत की आत्मा है, जिसने इन सभी फनकारों को एक शृंखला में रखने का प्रयास किया है। आज श्री आनंदपुर साहिब की धरती पर विरासत-ए-खालसा के सभागार में आयोजित पंजाबी गायन की पारंपरिक और सुरीली शाम से हमें पंजाबी होने पर गर्व महसूस हो रहा है। पंजाब के उच्च शिक्षा एवं भाषा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज विरासत ए खालसा ऑडिटोरियम में आयोजित पंजाबी गायन की पारंपरिक और मधुर शाम में शामिल प्रशंसकों और गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें एक बड़ी भीड़ को संबोधित करने का मौका मिलता है, वह अक्सर हजारों लोगों की सभा में बोलते हैं, लेकिन आज इन बुद्धिजीवियों और कुशल व्यक्तित्वों को संबोधित करते हुए उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है।उन्होंने कहा कि हमारी विरासत और संस्कृति को बचाए रखने में यहां मौजूद शख्सियतों की सबसे बड़ी भूमिका है और भाषा विभाग हमेशा उनका सम्मान करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि भाषा विभाग, पंजाब द्वारा मनाए जा रहे पंजाबी माह कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आज विरासत-ए-खालसा के सभागार में पारंपरिक और समकालीन गायन की एक मधुर शाम का आयोजन किया गया है। जिसमें हमारे पास सरोमणी पंजाबी कवि प्रोफेसर गुरभजन सिंह गिल और बलदेव सिंह सदकनामा सरोमणी साहित्य, देस राज लचकानी सरोमणी ढाडी और बीर सिंह, दर्शन सिंह बुट्टर सहित महान हस्तियां हैं, जो पंजाब का गौरव हैं। एस बैंस ने कहा कि लेखकों ने हमारे साहित्य, संस्कृति और समृद्ध विरासत को संरक्षित रखा है। आज पुस्तकों का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है, लोग पुस्तकालयों से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा अपना अनुभव है कि पुस्तकालय जाने और किताबों के साथ रहने से हर व्यक्ति का मानसिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि पंजाब का भाषा विभाग जल्द ही कई बड़े आयाम स्थापित करने जा रहा है। हमारे अधिकारी कई अनूठी पहल कर रहे हैं, हम अपने राज्य के इन साहित्यकारों, कवियों और शायरों को उचित सम्मान देने के लिए एक व्यापक योजना बना रहे हैं। इस अवसर पर स्रोमणि ढाडी देस राज लचकानी, बीर सिंह, दर्शन सिंह बुट्टर, महिंदर सिंह बागी ने अपने कौशल से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के अधीक्षक आई.बी.एस.चाना, डीएसपी अजय सिंह, डॉ. वीरपाल कौर अतिरिक्त निदेशक, सतनाम सिंह उप निदेशक, हरप्रीत कौर उप निदेशक, गुरदेव सिंह सिंधु, सेवा सिंह, बलविंदर सिंह भट्टी, तिलोक ढिल्लों, कुलवंत सिंह, अजीतपाल, संदीप शर्मा, हरकीरत सिंह जिला भाषा अधिकारी, जगदीप सिद्धू जिला भाषा अधिकारी, संतोख सिंह, मनिंदर सिंह, डॉ. संतोख सिंह, हरदयाल सिंह थूही सुलक्खन वर्धी, सुखविंदर भीखी, चित्ता सिधू सुखी मौजूद थे। इस अवसर पर डॉ. संजीव गौतम, कमीकर सिंह दाढ़ी, दीपक सोनी मीडिया कोऑर्डिनेटर, चेयरमैन हरमिंदर सिंह ढाहे, राम कुमार मुकारी, हरजीत सिंह जीता प्रधान नगर काउंसिल, बलविंदर कौर, सोहन सिंह बैंस, रोहित कालिया प्रधान ट्रक यूनियन, जसवीर सिंह अरोड़ा जिला अध्यक्ष व्यापार मंडल, जिला अध्यक्ष उषा रानी, जसपाल सिंह ढाहे ब्लॉक अध्यक्ष, सुनीता ब्लॉक अध्यक्ष, पम्मू ढिल्लों ब्लॉक प्रभारी, केसर संधू ब्लॉक अध्यक्ष, मुकेश वर्मा ब्लॉक अध्यक्ष, गुरचरण सिंह ब्लॉक अध्यक्ष, दर्शन अटारी ब्लॉक अध्यक्ष, हरविंदर कौर ब्लॉक प्रभारी, रामपाल ब्लॉक अध्यक्ष, एडवोकेट नीरज शर्मा, प्रवीण अंसारी, जुझार सिंह आसपुर, बचितर सिंह, शम्मी बराड़ी, SHO हरकित सिंह, एसडीओ सुरिंदरपाल सिंह, भूपिंदर सिंह, सतीश चोपड़ा, गुरुमीत सिंह ढेर आदि मौजूद थे।
