वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर : डीसी
सिटीजन चार्टर का पालन करते हुए प्रदूषण नियंत्रण में भागीदार बने आमजन
झज्जर, डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आमजन का आह्वान किया कि वे सिटीजन चार्टर का पालन करते हुए छोटे कार्यों के लिए निजी वाहन की बजाय छोटी दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का प्रयोग करें। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दें। इसके अलावा स्वच्छ आवागमन चुनें। इतना ही नहीं जो संस्थान अपने कर्मियों को घर से काम करने की अनुमति देते हैं, वे घर से काम करने की पहल करें।
सर्दी से बचाव के लिए कोयले और लकड़ी का उपयोग न करें। संस्थान सुरक्षा कर्मचारियों को बिजली के हीटर (सर्दियों के दौरान) प्रदान कर सकते हैं। नागरिक बाहरी यात्राओं से बचने की कोशिश करें।
डीसी ने कहा कि एनसीआर में ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का तीसरा चरण लागू होने के साथ ही प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने और इसके कारणों की रोकथाम के लिए सख्त रवैया अपना लिया है। उन्होंने वायु प्रदूषण फैलने से रोकने के उपाय करने के लिए सभी विभागों को ग्रेप तीन के नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले कारकों की पहचान कर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रेप के दो चरण के साथ ही तीन की पाबन्दियां जारी हैं। आमजन इन नियमों का पालन करते हुए प्रदूषण नियंत्रण में सहभागी बनें।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरों की सभी मुख्य सड़कों के किनारे पेड़ पौधों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करवाया जाए ताकि इन पर धूल न जमने पाए। ज्यादा धूल वाले स्थानों की पहचान कर वहां एंटी स्माॅग गन तैनात की जाएं। इसी तरह पटाखों की बिक्री और इनके इस्तेमाल को लेकर भी डीसी ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम बेरी, बहादुरगढ़, झज्जर और बादली और संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस पटाखों की अवैध बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंधित करवाएंगे। उद्योगों या रिहायशी क्षेत्र में डीजी सेट के इस्तेमाल को भी पूर्ण प्रतिबंधित किया गया है। इसके तहत एचएसआईआईडीसी व बिजली निगम के अधिकारियों को इस पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
शहरी निकाय के अधिकारी अपने पास उपलब्ध फायर टेंडर्स, एंटी स्माॅग गन समेत प्रदूषण नियंत्रण संबंधी संसाधनों की सूची उपलब्ध करवाएं ताकि इनका इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने अग्निशमन एवं आपात सेवाएं विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुल क्षमता की 50 प्रतिशत फायर टेंडर्स को सड़कों किनारे पेड़ों पर पानी के छिड़काव कार्य में लगाया जाए।
डीसी ने कूड़ा जलाने के मामलों पर सख्ती से रोक लगाने और ऐसे लोगों का चालान काटकर उनके साथ सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि स्थानीय निकाय क्षेत्रों बहादुरगढ़, बेरी और झज्जर में यदि कूड़ा जलाने की शिकायत सामने आई तो संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने नगर एवं ग्राम योजनाकार विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्ति करने के निर्देश दिए कि तीसरे चरण के दौरान किसी भी स्थान पर निर्माण कार्य न होने पाए। चेतावनी के बाद भी यदि कोई निर्माण कार्य नहीं रोकता तो सील कर उचित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को गै्रप के तीसरे चरण के हिसाब से किस विभाग को क्या एक्शन लेना है, इसके बारे में ग्रेप नियमों का अध्ययन जरूरी है। जिला के सभी सरकारी विभागों के कार्यालयों को अपने यहां इस कार्य के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करके उसकी सूचना हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के पास भेजनी है। इस कार्य में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
