श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन वामन अवतार प्रसंग सुनाया
सुखविंदर, संजीव डोगरा, दौलतपुर चौंक/ ऊना 1 नवम्बर गगरेट विधानसभा क्षेत्र के दौलतपुर चौंक के माता कुहा देवी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास भागवताचार्य भक्ति प्रसाद गिरी जी महाराज द्वारा वामन अवतार का प्रसंग सुनाया गया। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी कि दंभ और अंहकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं हो सकता और यह धन संपदा क्षण भगुंर होती है। इसलिए जीवन में परोपकार करें। उन्होंने बताया कि अंहकार, गर्व, घृणा और ईष्र्या से मुक्त होने पर मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ईर्ष्यालु व्यक्ति अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि कलयुग में भगवान का नाम लेने से मनुष्य का उद्धार होता है। वहीं गृह क्लेशों से छुटकारा मिलता है। उन्होंने बताया कि भगवान के नाम में इतनी शक्ति है कि उनके नाम का जाप करते हुए ऋषि बाल्मिकी और संत तुलसीदास अज्ञानी से महान ज्ञानी बने।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय का एक बड़ा दुर्भाग्य यह है कि बहुत सारे लोगों द्वारा भगवान शिव के नाम पर भांग, गांजा जैसे तमाम तरह का नशा खुद तो किया जाता है मगर दूसरों को भी भोले बाबा का प्रसाद कहकर कराया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव भी नशा करते हैं,मगर केवल और केवल प्रभु नाम का नशा ,राम नाम का नशा। कथा उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
