February 15, 2026

अनाज मंडियों में धान की आवक, खरीद, उठान और भुगतान के दौरान किसानों को कोई दिक्कत नहीं आएगी – मनदीप

ढिल्लों ने कहा कि आज तक 5284 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, 4927 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है, इसकी व्यवस्था की जा रही है निगरानी

संदीप गिल, नंगल 13 अक्टूबर। सरकार ने धान की खरीद को लेकर मंडियों में सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस अपने विधानसभा क्षेत्र की सभी अनाज मंडियों में धान की फसल की आवक, खरीद, उठान, भुगतान और अनाज मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए किए गए प्रबंधों की निगरानी कर रहे हैं। मनदीप सिंह ढिल्लो उपमंडल मजिस्ट्रेट नंगल ने बताया कि अनाज मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए सफाई, रोशनी, पीने का पानी, शौचालय, तिरपाल आदि सभी प्रबंध सुचारू रूप से किए गए हैं। फसल की आवक के साथ ही खरीद की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अनाज मंडी अगमपुर में 769 मीट्रिक टन, कीरतपुर साहिब में 1435 मीट्रिक टन, तखतगढ़ में 632 मीट्रिक टन, नूरपुर बेदी में 47 मीट्रिक टन, नंगल में 427 मीट्रिक टन, सुरेवाल में 628 मीट्रिक टन, अबियाना, सुखेमाजरा में 277 मीट्रिक टन में 447 मीट्रिक टन, डुमेवल में 409 मीट्रिक टन, अजोली में 111 मीट्रिक टन, कलवान में 24 मीट्रिक टन और महैन में 78 मीट्रिक टन धान है। यह सारा धान पंजाब सरकार के निर्देशानुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। साथ ही उठाव की भी व्यवस्था की गई है। पंजाब सरकार ने धान की फसल का भुगतान सीधे किसानों के खातों में जमा करने का फैसला किया है। अनाज मंडियों में सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा 2203 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जा रहा है। सचिव मार्केट कमेटी सुरिंदरपाल ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसान मंडियों में सूखा धान लेकर आएं, ताकि खरीद के दौरान उन्हें कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि धान की पराली को आग नहीं लगानी चाहिए बल्कि उसे जमीन में मिलाकर खाद के रूप में प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धान की पराली जलाने से जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है वहीं मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

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