January 25, 2026

चीन के धोखे के बावजूद एशियन गेम्स के जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड और किशोर जेना ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया

चीन के धोखे के बावजूद एशियन गेम्स के जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड और किशोर जेना ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ है, जब जेवलिन में भारत ने एशियन गेम्स में एक साथ ये दोनों मेडल जीते हों। हांगझोउ में जारी एशियन गेम्स में नीरज ने अपने चौथे थ्रो में 88.88 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड अपने नाम कर लिया। इससे आगे कोई भी एथलीट भाला नहीं फेंक सका। दूसरे नंबर पर भारत के ही किशोर कुमार जेना रहे। उनका चौथा थ्रो 87.54 मीटर का रहा। इसी के दम पर उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पाकिस्तानी अरशद नदीम ने इवेंट से एक दिन पहले अपना नाम वापस ले लिया।

जेवलिन स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में उतरे नीरज ने पहली थ्रो करीब 87 मीटर की फेंकी थी, लेकिन चीनी मैनेजमैंट ने इसे तकनीकी कारणों से वैध नहीं माना। इतने बड़े इवेंट में तकनीकी कारण क्या रहे, इस पर सोशल मीडिया पर जमकर सवाल उठे। नीरज चोपड़ा इसके बाद काफी गुस्से में नजर आए। बहरहाल, चीनी धोखे के कारण नीरज को फिर से दूसरी बार थ्रो फेंकनी पड़ी, जिसमें वह 82.38 मीटर थ्रो ही फेंक पाए। यही नहीं, स्पर्धा में भारत के किशार कुमार जेना ने भी पहले अटेम्पट में 81.26 मीटर दूरी तक जेवलिन फेंका था, जिससे वह दूसरे स्थान पर आ गए थे। लेकिन जेना का ज्यादा दूरी वाला दूसरा थ्रो फाऊल करार दे दिया गया। जेना फिनिशिंग लाइन से दूर थे, ऐसे में किन वजहों के चलते उनका थ्रो वैध नहीं माना गया, इस पर भी खूब विवाद हुआ।

आखिरकार इन दोनों खिलाड़ियों ने चीनी चालबाजियों का करारा जवाब दिया और भारत को गोल्ड के साथ सिल्वर भी जिता दिया। दोनों खिलाड़ियों ने अपने चौथे प्रयास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। नीरज चोपड़ा के साथ ही किशोर जेना ने भी ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया। आने वाले वक्त में जेवलिन थ्रो कैटेगरी में इंटरनेशनल लेवल पर भारत के 2 पदक पक्के हो गए हैं। किशोर जेना ने सिल्वर मेडल जीतने के बाद कहा कि नीरज चोपड़ा मेरे इंस्पिरेशन हैं और मैं उन्हीं की तरह बनना चाहता हूं। हमारे साथ जेवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा और सिल्वर जीतने वाले किशोर जेना को जीत की बधाई दें।

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