February 17, 2026

1200 पुलिस कर्मियों की 150 से अधिक पुलिस पार्टियों ने की लंडा से सम्बन्धित ठिकानों पर छापेमारी

चंडीगढ़, 3 सितम्बरः

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच अनुसार पंजाब को अपराध मुक्त राज्य बनाने के लिए शुरु की मुहिम के अंतर्गत देश-विदेश स्थित आतंकवादियों, गैंगस्टरों और नशा तस्करों के आपसी संबंधों को नकेल डालने के उद्देश्य से एक अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाते हुये पंजाब पुलिस की तरफ से रविवार को आतंकवादी लखबीर सिंह उर्फ लंडा से जुड़े व्यक्तियों के शक्की ठिकानों पर एक विशेष घेराबन्दी और तलाशी मुहिम ( कासो) चलाई गई।

यह छापेमारी डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डी. जी. पी.) पंजाब गौरव यादव के निर्देशों पर सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक एक ही समय पर की गई, जिस दौरान राज्य के 28 पुलिस जिलों में लखबीर लंडा के लगभग 297 के पास के साथियों से जुड़े सभी रिहायशी और अन्य ठिकानों की बारीकी से तलाशी ली गई।

स्पैशल डीजीपी लॉ एंड आर्डर अर्पित शुक्ला ने बताया कि सभी सीपीज़/ एसएसपीज़ को हिदायत की गई थी कि वह इस आपरेशन को सफल बनाने के लिए इंस्पेक्टर या सब-इंस्पेक्टर के नेतृत्व में मज़बूत पुलिस पार्टियाँ तैनात करें। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों को कार्रवाई के दौरान शक्की व्यक्तियों को काबू करने के लिए भी कहा गया था।

उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस की 150 पार्टियां, जिनमें लगभग 1200 पुलिस मुलाज़िम शामिल हैं, ने राज्य भर में इस छापेमारी को अंजाम दिया। उन्होंने आगे बताया कि इस विशेष मुहिम (कासो) की योजना, हाल ही में पकड़े गए लखबीर लंडा की हिमायत वाले माड्यूलों से सम्बन्धित कई व्यक्तियों से पूछताछ के बाद बनाई गई थी।

स्पैशल डीजीपी ने बताया कि और पड़ताल के लिए कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और उनके पास से आपराधिक सामग्री भी ज़ब्त की गई है, जिसकी आगे जांच जारी है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने इन अपराधियों से सम्बन्धित घरों और अन्य स्थानों पर बारीकी से तलाशी ली और इलेक्ट्रानिक डिवाईसों से डाटा भी इकट्ठा किया, जिसको फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जायेगा।

उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने हथियार लायसैंसों की भी जांच की और अस्ले के स्रोत के बारे लोगों से पूछताछ की। इसके इलावा विदेशों में रहते उनके पारिवारिक सदस्यों की यात्रा सम्बन्धी विवरण, विदेशों से बैंकों के लेन-देन, वेस्टर्न यूनियन और जायदाद सम्बन्धी विवरण भी आगे जांच के लिए इकठ्ठा किये गए हैं।

ज़िक्रयोग्य है कि ऐसे छापे समाज विरोधी तत्वों में पुलिस का डर पैदा करने में मदद करते हैं, जबकि आम लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करते हैं।

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