‘शिक्षा भी, संस्कार भी’ भावना के अंतर्गत बच्चों को बांटी गुल्लकें
संदीप गिल, नंगल, अपने पास मौजूद संसाधनों व अपनी कमाई में से कुछ हिस्से को समाज के वंचित वर्ग के लोगों की भलाई के लिए भेंट करना, खर्च करना एवं उपयोग करने की कारगर आदत को ज़िंदगी में संस्कार के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘शिक्षा भी, संस्कार भी’ की भावना से बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे नंगल के सर्वहितकारी विद्यामंदिर (प्राइमरी व प्ले-वे शिशु वाटिका) में पढ़ाई कर रहे सभी विद्यार्थियों को उनके माता-पिता एवं अभिभावकों की उपस्थिति में गोलुकें दी गईं। नि:शुल्क गोलुकें बाँटने के एक सादे कार्यक्रम में खासतौर पर पधारे स्कूल समिति के अध्यक्ष इंजीनियर कृष्णकांत सूद ने बच्चों व परिजनों को समझाते हुए बताया कि अपने जन्म दिवस, परिवारिक कार्यक्रमों, आयोजनों अथवा अन्य पर्वों को मनाने के अवसरों पर प्रत्येक बच्चे अपनी-अपनी गोलुक में कुछ-न-कुछ राशि डालकर जमा करते रहेंगे। संभावित आगामी बसंत पंचमी पर्व या अन्य एक शुभ दिन सभी बच्चे यह गोलुकें स्कूल लेकर आएंगे और इन गोलुकों में जमा की गई राशि इकट्ठी करके ज़रूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के खर्च हेतु सर्वहितकारी शिक्षा संस्थान के प्रांत को भेजी जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित अध्यक्ष इंजीनियर कृष्णकांत सूद, इंचार्ज राज रानी, कोआर्डिनेटर मोनिया डडवाल एवं पूजा ने भी गोलुकें लेकर उपयुक्त राशि जमा करने की प्रतिबध्दता का प्रण लिया।
