मुख्यमंत्री भगवंत संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पर रख रहे हैं नजर
प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए किए हैं पुख्ता इंतजाम, अफवाहों पर न करें भरोसा: हरजोत बैंस
नंगल, संदीप गिल/ सचिन सोनी, मुख्यमंत्री भगवंत मान बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन पूरी तरह से राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, पानी आने के कारण गांवों में फंसे लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। एनडीआरएफ की टीमें, आप कार्यकर्ता और पूरा जिला प्रशासन पिछले दो दिनों से दिन-रात लोगों की जान-माल की रक्षा कर रहा है। नंगल में 9 और श्री आनंदपुर साहिब में 14 राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं। लोगों की सुविधा के लिए अधिकारी हर व्यवस्था पर गौर कर रहे हैं। प्रशासन की अपील के मुताबिक नदियों के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर आ जाएं और नदी के पास न जाएं। पंजाब के कैबिनेट मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने अपने विधानसभा क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब के सतलुज के पास के गांवों में राहत और बचाव कार्यों में भाग लेने के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोग अफवाहों पर विश्वास न करें, पिछले दो दिनों के दौरान हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भाखड़ा बांध का स्तर बढ़ गया है। हमारे नागरिक एवं पुलिस प्रशासन का प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी मुस्तैदी से ड्यूटी पर तैनात है। प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। हरजोत बैंस ने पिछले दो दिनों में निर्वाचन क्षेत्र के दर्जनों गांवों का दौरा किया और प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में जाकर राहत और बचाव कार्यों में भाग लिया। कैबिनेट मंत्री और उनकी टीम कल देर रात तक प्रभावित क्षेत्र के हरसाबेला, बेला ध्यानी, भनाम, भलान, प्लासी आदि दर्जनों गांवों में पहुंचे और लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। हरजोत बैंस ने बताया कि प्रशासन ने राहत व आश्रय स्थल बनाकर सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की है, जहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है, पानी लगातार कम हो रहा है, जल्द ही स्थिति सामान्य हो जायेगी। पिछले दो दिनों से उनके साथ प्रशासन के अधिकारियों के अलावा डॉ. संजीव गौतम, दीपक सोनी, नितिन पुरी, चौधरी राकेश, रेशव, गुरनाम बेला ध्यानी, सुभाष प्लासी, कैफ भनाम, राकेश भलान, चमनलाल भलान आदि मौजूद रहे।
