किसानों के जीवन में सफलता के स्वर्णिम बीज बो रहा कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर
मंडी, हिमाचल के सुंदरनगर में स्थित कृषक प्रशिक्षण केंद्र प्रदेश के किसानों के जीवन में सफलता के स्वर्णिम बीज बो रहा है। इस प्रशिक्षण केंद्र में छोटी अवधि के विभिन्न ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए प्रदेशभर के किसानों को नये समय में आधुनिक तरीके से खेती के लिए तैयार किया जाता है। जिलाधीश मंडी अरिंदम चौधरी का कहना है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का हिमाचल के किसानों को कौशल संवर्धन से सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान है। मुख्यमंत्री का फोकस है कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती बाड़ी आर्थिक रूप से अधिक संभावनाओं से संपन्न बने। इस दृष्टि से कृषक प्रशिक्षण केंद्र को और सुदृढ़ करने तथा उभरते कृषि क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल डिजाइन करने का काम किया गया है। डीसी का कहना है कि मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सुक्खू के निर्देशानुसार व्यावहारिक प्रशिक्षण से किसानों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का काम कर रहा यह केंद्र अपने महत्वपूर्ण योगदान से किसानों का सच्चा साथी बन गया है। हिमाचल के किसान यहां आधुनिक तरीके से खेती के नए गुर सीखने और कौशल संवर्धन से सशक्त बनकर खेती को नए आयाम दे रहे हैं। कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर की प्रधानाचार्य डॉ. प्राची बताती हैं कि वर्तमान में प्रशिक्षण केंद्र संपूर्ण हिमाचल के किसानों और कृषि विभाग की प्रशिक्षण जरूरतों को पूरा कर रहा है। डॉ. प्राची बताती हैं कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश राज्य आजीविका मिशन द्वारा प्रायोजित मिलेटस के उत्पादन व विपणन पर कार्यक्रम चल रहा है। इसके अलावा यह केंद्र कृषि विस्तार डिप्लोमा फॉर इनपुट डीलर्स (डीएईएसआई) के आयोजन के लिए नोडल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में भी कार्य कर रहा है। डॉ. प्राची का कहना है कि कि प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य सरकार की कृषि योजनाओं को किसानों तक पहुंचाना, खेती-किसानी के कार्य में दक्षता लाना, आधुनिकतम कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाना तथा समग्र रूप से व्यक्तियों और विभाग के बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक पेशेवर ज्ञान और कौशल को अद्यतन करना और बढ़ाना है। साथ ही प्रत्येक प्रशिक्षु में सही मनोवृत्ति अभिविन्यास लाना भी प्रशिक्षण केंद्र का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। कृषि विभाग मंडी के उपनिदेशक राजेश डोगरा बताते हैं कि यह केंद्र किसानों के साथ साथ कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं को भी पूरा करता है। साथ ही प्रशिक्षण केंद्र द्वारा कृषि विकास योजनाओं का कार्यान्वयन, किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रदर्शन, किसानों की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन करके कृषि उत्पादन, जैविक नियंत्रण के माध्यम से कृषि फसल सुरक्षा के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) को बढ़ावा देने का कार्य किया जाता है।
