February 25, 2026

नरवाणा में 120 कनाल में बनेगा खेल मैदान : सुधीर शर्मा

धर्मशाला हलके में 12 प्ले ग्राउंड मैदान बनेंगे, 15 से 25 लाख रुपए तक किए जाएंगे खर्च
धर्मशाला।
स्पोट्र्स और एजुकेशन हब बने धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के गांवों में भी अब खेल गतिविधियां तेज होने जा रही हैं। धर्मशाला से विधायक एवं पूर्व शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा अपने हलके की 12 पंचायतों में प्ले ग्राउंड बनाने जा रहे हैं। देहात की खेल प्रतिभाओं को आगे लाने की खातिर बन रहे इन मैदानों पर 15 से लेकर 25 लाख रुपए (प्रति) खर्च किए जाएंगे। शुक्रवार को सुधीर शर्मा ने बताया कि सबसे बड़ा खेल मैदान नरवाणा पंचायत में बनेगा। उन्होंने बताया कि नरवाणा में 120 कनाल जमीन पर खेल मैदान बनाया जाएगा। इसी तरह बरवाला पंचायत में साढ़े 65 कनाल जमीन पर खेल मैदान बनाया जा रहा है। सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला में पुलिस मैदान, कालेज मैदान, सिंथेटिक ट्रैक आदि पर खिलाड़ी प्रैक्टिस कर पाते हैं। गांवों में खेल मैदानों की दिक्कत है। यही कारण है कि धर्मशाला के गांवों में ऐसे मैदान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कंड करडियाणा में 45 कनाल जमीन पर मैदान बनेगा। इसी तरह अपर सुक्कड़ में 80 और लोअर सुक्कड़ में 25 कनाल जमीन पर मैदान बनाया जा रहा है। धर्मकोट में 27 कनाल पर खेल मैदान बनेगा। सौकणी दा कोट में 33, फतेहपुर में 65 कनाल जमीन पर खेल मैदान तैयार किया जाएगा। निचले इलाकों की बात करें, तो हलके के अंतिम छोर पर बसी पंचायत मंदल में 25 कनाल जमीन पर खेल मैदान बनाया जाएगा। ढगवार में भी 25 कनाल जमीन पर खेल मैदान बनेगा। त्रैंबलू में भी 32 कनाल जमीन पर खेल मैदान बनाया जाएगा। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी जमीन व अन्य हालात सही होने पर मैदान बनाने का प्रयास किया जाएगा।

बरसाती नुकसान की होगी भरपाई
सुधीर शर्मा ने कहा कि बरसात में धर्मशाला हलके में भी खूब नुकसान हुआ है। सडक़ों के अलावा खेतों व कूहलों को नुकसान हुआ है। इस नुकसान का आकलन करवाया जा रहा है। सुधीर शर्मा ने पीडब्ल्यूडी और जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर राहत कार्यों में तेजी लाने की बात कही है। उन्होंने कृषि-बागबानी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे निचले इलाकों में किसानों को हुए नुकसान का आकलन करें। उन्होंने पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर व उनकी टीम को पशुपालकों की मदद करने को कहा है। उन्होंने पशु डिस्पेंसरियों में दवाओं का प्रावधान करने के अलावा फील्ड विजिट पर भी जोर दिया है।

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