April 2, 2026

हिमाचल में 7 नए स्वचालित परीक्षण केंद्रों को मंजूरी, वाहन जांच होगी तेज

शिमला, हिमाचल प्रदेश में वाहन जांच व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने सात स्वचालित परीक्षण केंद्र (एटीएस) स्थापित करने की स्वीकृति दी है। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में दी।

उन्होंने बताया कि कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, नालागढ़ और पांवटा साहिब में निजी क्षेत्र के एटीएस स्थापित किए जाएंगे, जबकि हरोली और नादौन में सरकारी एटीएस बनाए जाएंगे। इन केंद्रों पर वाहनों की जांच मात्र 5 से 10 मिनट में पूरी हो सकेगी और ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

यह मामला उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया द्वारा नियम-62 के तहत विधानसभा में उठाया गया था। पठानिया ने कहा कि कांगड़ा जिले में फिलहाल केवल एक एटीएस होने के कारण लोगों को लंबी कतारों और यातायात जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि भविष्य में वाहन पासिंग की प्रक्रिया इन्हीं केंद्रों के माध्यम से की जाएगी।

मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि राज्य के प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की है। साथ ही एटीएस स्थापना के लिए 6.75 करोड़ रुपये मिल चुके हैं और भविष्य में 27.73 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलने की संभावना है।

विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, जल शक्ति विभाग में कनिष्ठ अभियंताओं के कुल 325 पद रिक्त हैं। इनमें 302 सिविल, 9 मैकेनिकल और 14 इलेक्ट्रिकल श्रेणी के पद शामिल हैं। ये पद मंडल, जोन और अन्य कार्यालयों में खाली हैं।

सरकार ने बताया कि सिविल विंग के 116 पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने के लिए 4 और 17 फरवरी को भर्ती निदेशालय को अधियाचन भेजा गया है। इसके अलावा, दो पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए भरे जाएंगे। इलेक्ट्रिकल के 14 पदों को भरने का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है।

सरकार के अनुसार, विभागों, बोर्डों और निगमों में करुणामूलक आधार पर नौकरी के 852 मामले लंबित हैं, जिनमें से 98 को अस्वीकार किया जा चुका है। यह जानकारी विधायकों सुधीर शर्मा, सत्तपाल सत्ती और पवन काजल के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी गई।

सरकार ने बताया कि 8 अक्टूबर 2025 से करुणामूलक नियुक्ति के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। यह नई सीमा भविष्य के मामलों पर लागू होगी।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 1990-91 में जहां केवल 67,103 वाहन पंजीकृत थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 24,82,038 हो गई है। इनमें 21,83,860 निजी और 2,98,178 वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 1,923 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 789 लोगों की मौत हुई। इन दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण खराब या अयोग्य वाहन हैं।

18 मार्च 2026 तक एटीएस के माध्यम से 572 वाहनों को फिट और 6 को अनफिट घोषित किया जा चुका है। सरकार का मानना है कि नए एटीएस केंद्रों की स्थापना से सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और वाहन जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

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