ट्रंप के शाही डिनर में शामिल होंगे 7 भारतीय दिग्गज
टाटा, महिंद्रा और इंफोसिस के सीईओ को मिला न्योता
दावोस, स्विट्जरलैंड की बर्फीली वादियों में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत की गूंज सुनाई दे रही है। 19 जनवरी से शुरू हुए दुनिया के इस सबसे प्रभावशाली आर्थिक मंच पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। अपने संबोधन के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक उद्योग जगत के चुनिंदा दिग्गजों के लिए एक विशेष रिसेप्शन डिनर का आयोजन किया है। इस हाई-प्रोफाइल डिनर में भारत की ओर से 7 प्रमुख सीईओ शामिल होने जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि ग्लोबल इकोनॉमी के नक्शे पर भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर अब केंद्रीय भूमिका में आ चुका है।
राष्ट्रपति ट्रंप की मेज पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्योगपतियों की सूची बेहद प्रभावशाली है। इसमें टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन सबसे प्रमुख नाम हैं, जिनका योगदान वैश्विक स्तर पर पहचाना जाता है। उनके अलावा टेलीकॉम सेक्टर के दिग्गज और भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील मित्तल भी इस डिनर का हिस्सा बनेंगे। ऑटो और टेक सेक्टर का प्रतिनिधित्व करते हुए महिंद्रा ग्रुप के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव अनीश शाह, इंफोसिस के सीईओ सलील पारेख और विप्रो के सीईओ श्रीनी पल्लिया भी ट्रंप के साथ डिनर में शामिल होंगे। वित्तीय क्षेत्र से बजाज फिनसर्व के चेयरमैन और एमडी संजीव बजाज तथा जुबिलेंट भरतिया ग्रुप के फाउंडर हरि एस. भरतिया भी इस खास मौके पर मौजूद रहेंगे।
इस डिनर का मकसद सिर्फ मुलाकात नहीं, बल्कि गंभीर आर्थिक मुद्दों पर संवाद करना है। माना जा रहा है कि डिनर टेबल पर व्यापार, निवेश, तकनीक और नीति-निर्माण से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत होगी। विशेष रूप से राष्ट्रपति ट्रंप की विदेश और व्यापार नीतियों, जैसे एच-1बी वीजा नियमों और टैरिफ सुधारों पर चर्चा होने की प्रबल संभावना है। भारतीय आईटी कंपनियों के सीईओ की मौजूदगी में वीजा नीतियों पर बात होना तय माना जा रहा है। 2026 के दावोस सम्मेलन में ट्रंप की उपस्थिति और भारतीय उद्योगपतियों की यह भागीदारी संकेत देती है कि भविष्य की वैश्विक आर्थिक रणनीतियों में भारत एक निर्णायक भूमिका निभाने वाला है।
गौरतलब है कि 23 जनवरी तक चलने वाले इस महाकुंभ में 130 से अधिक देशों के करीब 3,000 जन प्रतिनिधि और 850 से अधिक टॉप सीईओ हिस्सा ले रहे हैं।
