हिमाचल के लाहौल-स्पीति में 40 दिन का मौन व्रत : सिस्सू और कोकसर में पर्यटन पर पूर्ण बैन, न मोबाइल बजेगा न टीवी
शिमला/लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति की सिस्सू और कोकसर पंचायतों में एक अनोखी देव परंपरा के कारण 20 जनवरी से पर्यटन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। 28 फरवरी तक लागू रहने वाले इस 40 दिवसीय स्वैच्छिक प्रतिबंध के दौरान न केवल बाहरी पर्यटकों का प्रवेश बंद रहेगा, बल्कि स्थानीय लोग भी पूर्ण शांति का पालन करेंगे। मनोरंजन के साधनों पर भी रहेगा प्रतिबंध
सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, इन 40 दिनों में स्थानीय लोग टीवी, रेडियो और मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करते हैं। यहां तक कि आपस में बात करने पर भी कई तरह के संयम बरते जाते हैं। मान्यता है कि शोर-शराबे से देव कार्यों में बाधा आती है, इसलिए पूरा क्षेत्र ‘साइलेंस ज़ोन’ में तब्दील हो जाता है।
क्यों बंद हो जाता है पूरा इलाका?
पर्यटन पर इस पाबंदी के पीछे गहरी धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं:
आराध्य देवता की तपस्या : माना जाता है कि घाटी के आराध्य देवता ‘राजा घेपन’ इन दिनों या तो स्वर्ग प्रवास पर होते हैं या फिर गहन तपस्या में लीन रहते हैं। उनकी तपस्या में कोई व्यवधान न पड़े, इसलिए शांति अनिवार्य है।
आसुरी शक्तियों का नाश : ग्रामीणों का मानना है कि सर्दियों में आसुरी शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं। उनके विनाश के लिए 27 जनवरी से ‘हालडा उत्सव’ शुरू होगा, जिसके तहत हर घर में ‘बल राजा’ की स्थापना कर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
अटल टनल बनने के बाद बढ़ा खतरा
सिस्सू पंचायत के उप-प्रधान संदीप के अनुसार, पहले भारी बर्फबारी के कारण पर्यटक सर्दियों में यहाँ नहीं आ पाते थे, जिससे शांति बनी रहती थी। लेकिन अटल टनल बनने के बाद अब पर्यटकों की आवाजाही साल भर रहती है। देवता की तपस्या भंग न हो, इसलिए ‘देवता कमेटी’ ने होटल, ढाबे और होम-स्टे को पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया है।
पर्यटकों के लिए विशेष निर्देश
यदि कोई पर्यटक गलती से इन क्षेत्रों की सीमा में पहुंचता है, तो उसे निम्नलिखित नियमों का पालन करना होगा। गाड़ियों का हॉर्न बजाना सख्त मना है। लाउड म्यूजिक या शोर-शराबा नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोग किसी भी व्यावसायिक गतिविधि (होटल/ढाबा) का हिस्सा नहीं बनेंगे।
यात्री ध्यान दें: हिमाचल के अन्य हिस्सों में बर्फ न होने के कारण पर्यटक सिस्सू और कोकसर का रुख कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान प्रतिबंध को देखते हुए पर्यटकों को 28 फरवरी तक अपनी यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
